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वर्ग    : इन्सेक्टा Insecta

क्रम    : आइसोपटेरा Isoptera 

फैमिली   : टर्मीटीडे Termitidae 

जीनस   : ओडोनटोटर्मिस Odontotermes 

स्पीसीज : ओबेसस obesus 

 

1. मोनोक्रोटोफास Monocrotophos 36 WSC @ 1500 मिली/हेक्टेयर अथवा

• एनडोसल्फान Endosulfan 35 EC @ 1500 मिली/हेक्टेयर अथवा

• कार्बारिल Carbaryl 50 WP @ 1500 ग्राम/हेक्टेयर दोपहर के समय छिड़काव करें।

2. मलाथियों Malathion या कार्बारिल Carbaryl @ 30 किग्रा फॉर्मुलेशन/हेक्टेयर का धूल छिड़कें।

वर्ग       :  इंसेक्टा Insecta

क्रम       :  हेमिपटेरा Hemiptera 

फैमिली  :  एलीडीडे Alydidae 

जीनस    :  लेपटोकोरिसा Leptocorisa 

स्पीसीज  :   ओरटोरियास oratorius

 

 

मोनोक्रोटोफास Monocrotophos 36 WSC @ 850  मिली/हेक्टेयर अथवा 

क्लोर्पैरिफोस Chlorpyriphos 20 EC @ 1500  मिली/हेक्टेयर अथवा

कार्टाप Cartap 50 WP @ 600  ग्राम/हेक्टेयर अथवा

क्वीनालफास Quinalphos 25 EC @ 1200  मिली/हेक्टेयर अथवा

एसीफेट Acephate 50 WP @ 700  ग्राम/हेक्टेयर अथवा

फिप्रोनिल Fipronil 5 SC @ 600  मिली/हेक्टेयर अथवा

फोसलों Phosalone 35 EC @ 850  मिली/हेक्टेयर अथवा

कार्बारिल Carbaryl 50 WP @ 900  ग्राम/हेक्टेयर अथवा

त्रयाजोफोस Triazophos 40 EC @ 400 मिली/हेक्टेयर छिड़काक करें अथवा  

कार्टाप cartap 4 G @ 25 किग्रा/हेक्ट्रेयर का प्रयोग करें।  

 

22
Sep

लीफ फोल्डर का जैव नियंत्रण

1. एग पैरासिटॉइड का अत्यधिक उत्सर्जन होने पर, Trichogramma chilonis 5 से 6 बार @ 1,00,000 वयस्क प्रति हेक्टेयर की दर से रोपण के 15 दिनों बाद प्रयोग करें।

2. वर्षा और परभक्षी चींटियों से बचाव के लिए बांस के खूंटे से बंधे छोटे छिद्रित पॉलिथीन आवरणों में अंडे वाले पत्तों को रखा जा सकता है।

1. अगात रोपण द्वारा पत्ते की क्षति से बहुत हद तक बचा जा सकता है।

2. पौधों के बीच अधिक दूरी और नाइट्रोजनी ऊर्वरक के कम प्रयोग से पत्ते की क्षति को कम किया जा सकता है।

 

लीफ फोल्डर का प्रबन्धन: ·राइस लीफ फोल्डर के प्रबन्धन में शामिल है कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट, जैविक और रासायनिक विधियां। यहां लीफ फोल्डर के प्रति प्रतिरोधी पौधों की किस्मों की सूची दी गई है:   टी एन ए यू एल एफ आर 831311 TNAU LFR 831311 कावेरी (Cauveri) आकाश (Akash) टी के एम् -6TKM-6 आई इ टी 7511 IET 7511 आई इ टी 9225 IET 9225 आई इ टी 9797 IET 9797    

1. लार्वा भोजन करने से पहले, पत्ते को लंबवत रूप से मोड़ते हैं और पत्ते के किनारे को सिल्क जैसे धागों से सिलते हैं। 

2. लार्वा हरे मेसोफिल को कुतरकर खाते हैं जिसके परिणामस्वरूप मद्धिम सफेद रेखा उभर आते हैं। दूसरे इंस्टर से, जब लार्वा नियमित रूप से पत्तों को लपेटते हैं वे निर्जन हो जाते हैं।    

3. सामान्य रूप से क्षतिग्रस्त पौधे की ताकत और प्रकाशसंश्लेषण की क्षमता में भारी कमी हो जाती है।  गंभीर पर्याक्रमण की स्थिति में पत्ते का किनारा और शीर्ष पूरी तरह से सूख जाते हैं और फसल सफेद जैसा दीखने लगता है। क्षतिग्रस्त पत्ते फफूंदी और कीटाणुओं के पर्याक्रमण के लिए प्रवेश द्वार का काम करने लगते हैं। 

4. विनाशकारी कीट जैसे दीमक, खटमल, राइस सीडलिंग फ्लाइ और रूट अफाइड ऊंची भूमि की चावल के लिए विशिष्ट होते हैं। 

 

22
Sep

लीफ फोल्डर का जीवनचक्र

C. medinalis के अंडे चौड़े और अंडाकार तथा पत्ते के दल पर होते हैं। लार्वा 3 से 5 दिनों में अंडे से बाहर निकल आते हैं। पहला तथा दूसरा इंस्टर लार्वा झुंड में होते हैं और टिलर में छोटे पत्ते के हल्के मोड़ के आधार भाग भोजन करते हैं। प्राय: पत्ते के प्रति लपेटन पर एक ही लार्वा पाया जाता है और एक परत को 2-3 दिनों में खाने के बाद वह दूसरे पत्तों में चला जाता है। लार्वा की अवधि लगभग 15 से 25 दिनों की होती है, इस दौरान लार्वा तीन से अधिक पत्तों पर हमला करते हैं। पत्ते के लपेटन में लार्वा पैदा होता है और इसकी अवधि 6 से 10 दिनों की होती है। वयस्क कीट 2 से 3 दिनों तक जीवित रहते हैं। अनुकूल परिस्थिति में, लीफ फोल्डर अनेक प्रजनन करते हैं।

1. नाइट्रोजन के आगमन से पहले की प्रतिक्रियाशील उच्च पैदावार

वाली किस्मों के लिए, यह कीट चावल की अधिकतर खेतों में छिट-फुट पाया जाता था।  

2. नई सिंचाई पद्धति, एक से अधिक चावल की फसलें, ऊंची पैदावार वाली किस्मों तथा नाइट्रोजनी ऊर्वरक की अधिकता के फलस्वरूप चावल के क्षेत्रों में वृद्धि के साथ-साथ कीटों ने भी अब बढ़ती अवस्था को प्राप्त कर लिया है। 

3. हाल के वर्षों में, कार्बनफ्यूरन और फोरेट की किसानों के खेतों में अविवेकपूर्ण अनुप्रयोगों के कारण कीटनाशियों में पुनरुत्थान हुआ है जो आगे चलकर लीफ फोल्डर समस्या उत्पन्न करता है। 

4. लगभग प्राकृतिक शत्रुओं की 80 स्पीसीज  जिनमें 45 परजीवी, 35 परभक्षी, 4 रोगजनक और एक निमेटोड्स संपूर्ण भारत में C. medinalis पर सूचित किए गए हैं।    

5. परजीवियों में, जो प्यूपा के स्तर पर हमला करते हैं जैसे Xanthopimpla, Brachymeria, Goniozus, Trichomma sp. इत्यादि बहुत ह

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