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एजोस्पिरिलियम - Azospirillum

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एजोस्पिरिलियम - Azospirillum

1. एजोस्पिरिलियम एक सहचारी डाइजोट्रोफिक जीवाणु है जो जड़ों में ढीले तरीके से लटके रहते हैं और माइक्रोएरोफिलिक स्थिति में नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं।

2. उदासीन और क्षारीय मिट्टी इसकी वृद्धि को प्रोत्साहित करते हैं।

3. बिचड़े वाले खेत में 600 ग्राम/हे. और मुख्य खेत में 2 किग्रा/हे. एजोस्पिरिलियम डालने से प्रति हे. लगभग 20-30 किग्रा. नाइट्रोजन की प्राप्ति होती है।

4. इनडोल एसिटिक एसिड और जिब्रेलिन जैसे वृद्धि नियंत्रकों को उत्पन्न कर एजोस्पिरिलियम पौधे की वृद्धि और खनिजों के अंतर्ग्रहण को भी आमतौर पर प्रोत्साहित करता है। यह जैव-उर्वरक के जरिए पौधे की वृद्धि को प्रोत्साहित करने राइजोस्फियर का आदर्श उदाहरण है।

5. मिट्टी में N की अधिकता N के स्थिरीकरण को बाधित करता है।

6. बिना N स्थिरीकरण क्षमता में परिवर्तन हुए खनिज P की घुलनकारी क्षमता युक्त ट्रांसजेनिक स्ट्रेन विकसित होते हैं।

File Courtesy: 
DRR टेक्नीक बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम.नारायण रेड्डी, आर. महेन्द्र कुमार एंड बी. मिश्रा, साइट स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड न्युट्रिएंट मैनेजमेंट फॉर सस्टेनैबल राइस बेस्ड क्रॉपिंग सिस्टम
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