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पुटी निमेटोड के विकास पर नियंत्रण

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1. गैर मेजबान फसलों के साथ फसल रोटेशन पुटी निमेटोड प्रबंध में बेहद प्रभावी है क्योंकि उसके मेज़बान एक निश्चित सीमा में होते हैं।
2. एच.सेक्चारि के विरुद्ध सौरीकरण तकनीक प्रभावी थी। सौरीकरण के कारण तापमान में वृद्धि (5.750C) के फलस्वरूप पुटी के भीतर अंडे मरने की संभावना कम होती है लेकिन यह मेज़बान की अनुपस्थिति में अंडे सेने को प्रोत्साहित कर एच.सेक्चारि की जनसंख्या के घनत्व को प्रभावित कर सकता है।
3. मक्का बाजरा, और जुवार, जो आमतौर पर पश्चिम अफ्रीका में चावल की फसल प्रणाली में लगाए जाते हैं, एच.सेक्चारि के प्रति उदासीन मेज़बान थे।
4. सोयाबीन या शकरकन्द के साथ चक्रीकरण एच.एलचिस्टा के प्रबन्धन में प्रभावी पाये गये।

File Courtesy: 
भारत में चावल के निमेटोड पर शोध की स्थिति, प्रसाद, जे.एस., सोमशेखर, एन. तथा वाराप्रसाद, के.एस. (2011)। चावल ज्ञान प्रबन्ध पोर्टल के लिए लिखे गए दृष्टिकोण पत्र
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