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चावल स्टेम निमेटोड का मेजबान-परजीवी सम्बन्ध

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1. डी. एंगस्टस एक्टो-परजीवी तरीके से बगैर पूरी तरह से उगी पत्तियों के अन्दरूनी भागों, आवरणों, कलियों और विकासशील पैनिकल्स से भोजन लेता है तथा उगाए गए व जंगली चावल में उफ्र रोग का कारण बनता है, और उसके विकास के सभी चरणों में खरपतवार होता है।
2. ताज़े कटे चावल के बीजों पर डी.एंगस्टस के व्यावहारिक, एनहाइड्रोबायोटिक किशोरों और वयस्कों की उपस्थिति इस प्रजाति के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
3. बीज के अंकुरित होने वाले भाग में निमेटोड की उपस्थिति भी (प्रसाद और वाराप्रसाद, 2001) देखी गई।

File Courtesy: 
भारत में चावल के निमेटोड पर शोध की स्थिति, प्रसाद, जे.एस., सोमशेखर, एन. तथा वाराप्रसाद, के.एस. (2011)। चावल ज्ञान प्रबन्ध पोर्टल के लिए लिखे गए दृष्टिकोण पत्र
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