Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

मिट्टी की उर्वरता (Soil fertility)

PrintPrintSend to friendSend to friend

मिट्टी की उर्वरता (Soil fertility) मिट्टी की उर्वरता

1. मिट्टी से मिलने वाले पोषक तत्त्व खनिज और जैव श्रोतों से प्राप्त होते हैं।

2. धनायनिक पोषक तत्त्व(NH4 + , Ca ++ और K + इत्यादि ) ऋणायनिक मृदा कणों में स्थित रहते हैं और ऋणायनिक पोषक तत्त्वों ( NO 3 - ,SO4 - - और Cl - ) के साथ संघात करते हैं जिसकारण वे बाढ़ या भारी वर्षा की स्थितियों में रिसकर जमीन के अन्दर चले जाते हैं।

3. बाहर से खाद डालने की जरूरत को निर्धारित करने में मिट्टी की उर्वरता (पौधों के लिए मिट्टी में मौजूद पोषक तत्त्व ) एक महत्वपूर्ण निर्णायक कारक होती है।

4. भारत की अधिकांश विश्लेषित मिट्टियों में नाइट्रोजन की अत्यंत कमी, फॉस्फोरस की मध्यम कमी और पोटाश की भारी पाई जाती है।

5. मृदा के पोषक तत्त्वों के अपूरणीय दोहन से मिट्टी को क्षति पहुंचती है।

6. गहन कृषि वाले सिंचित इलाकों में एक करोड़ टन प्रतिवर्ष के व्यापक पोषकीय असंतुलन के कारण पिछ्ले कई वर्षों के दौरान भारतीय मृदा की उर्वरता में भारी कमी आई है।

7. मिट्टी से पोषक तत्त्वों की खोई हुई मात्रा और मिट्टी में पोषक तत्त्वों की डाली गई मात्रा के बीच का अंतर 4-5 टन प्रति वर्ष आंकी गई है।

File Courtesy: 
DRR टेक्नीक बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम.नारायण रेड्डी, आर. महेन्द्र कुमार एंड बी. मिश्रा, साइट स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड न्युट्रिएंट मैनेजमेंट फॉर सस्टेनैबल राइस बेस्ड क्रॉपिंग सिस्टम
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies