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आर्द्र पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र

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आर्द्र पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र

इस क्षेत्र के प्रमुख मृदा समूह

1. उप-परवतीय मिट्टी

2. पहाड़ी मिट्टी

3. तराई मिट्टी

आर्द्र पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में निम्नलिखित प्रदेश आते हैं:

1) जम्मू और कश्मीर: जम्मू कश्मीर में पाई जाने वाली चावल उत्पादक मिट्टियां चेनाब, रावी, तवी और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से निर्मित हैं जो प्रायः जम्मू और कठुआ जिलों में पाई जती हैं। उप पर्वतीय मिट्टियां घाटी में सिंधु और झेलम नदियों द्वारी लाए गए जलोढ निक्षेपों से बनी हैं। वे गाद युक्त दोमट से लेकर चिकनी दोमट तक और उदासीन से लेकर क्षारीय प्रकृति तक होती हैं।

2) हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश की मिट्टियां हिमालय क्षेत्र की मूल चट्टानों, जैसे- बलुआपत्थर, धूसर अभ्रक युक्त बलुआपत्थर और शेल निर्मित होती हैं। ये मिट्टियां दोमट से गाद युक्त दोमट और मध्यम से उच्च मात्रा में जैव पदार्थों से युक्त और आमतौर पर पोषण रहित होती हैं।

3) उत्तरांचल के कुमाऊं और गढ़वाल डिवीजन: पहाड़ी मिट्टी उत्तरांचल के अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून जिलों में पाई जाती हैं। ऊंचाई के अनुसार ये मिट्टियां कम मोटाई की परतों में और पत्थर के टुकड़ों से युक्त होती हैं। इन्हें लाल दोमट, भूरी वन्य मिट्टी, घासस्थली मिट्टी और राख-मिट्टी ( podzolic soil) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

File Courtesy: 
http://www.rice-trade.com/humid-western-himalayan-region.html
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