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खरपतवार प्रबंधन

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खरपतवार प्रबंधन

(ए) 2 बार के लिए हस्त निराई की सलाह दी जाती है।

(बी) रासायनिक निराई

(i) सीधी बुवाई:

                  (क) उत्थान के पश्चात के रूप में: सभी प्रकार के खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बुवाई के 2-3 दिन बाद 700-800 लीटर पानी में, 2-3 लीटर/ हे. के दर पर बुटाक्लोर 50 ई.सी. या थायोबॅनकार्ब 50 ई.सी. का छिड़काव करें।

                  (ख) पूर्व-उत्थान के रूप में: सभी घासफूस के बीजों के अंकुरण की जांच के लिए, उँची भूमि स्थिति में बुवाई से पहले 4 लीटर/हे के दर पर, एलाक्लोर 50 ई.सी. या बुटाक्लोर 50 ई.सी. का छिड़काव करें।

(ii) प्रतिरोपित धान क्षेत्र: सभी प्रकार के खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बुवाई के 5-7 दिनों के बाद 600-700 लीटर पानी में, एनिलोफॉस 30 ई.सी. 0.4 ली./हे के दर पर या ऑक्ज़िफ्रफॅन 200 ग्रा./हे के दर पर या बुटाक्लोर 50 ई.सी. 2ली./हे के दर पर छिड़काव करें। क्षेत्र में स्थायी पानी 5 से.मी. से अधिक नहीं होना चाहिए।

(iii) गहरे पानी का धान: जलीय खरपतवार के नियंत्रण के लिए बुटाक्लोर 5% या थायोबॅनकार्ब 5% या एनिलोफॉस 5% दाने 20-25 कि.ग्रा. या कॉपर सल्फेट पाउडर 15-20 कि.ग्रा./ हेक्टेयर के दर पर 100 कि.ग्रा. रेत में मिलाकर प्रयोग करें एवं रोपाई के 2-3 दिनों के बाद क्षेत्र में इसका फैलाव करें।

File Courtesy: 
DRD, Patna
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