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प्रजाति का नाम : बामलेश्वरी (आइईटी 14444, आर 738-1-64-2-2)

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1. उत्पत्ति- आरपी 2154-40-1 × आइआर 9828-23            

2. परिपक्वता – 130-135 दिन 

3. अनाज का प्रजाति - लंबा खड़ा अनाज

4. जैविक तनाव - बामलेश्वरी प्रजाति  बीएलबी के लिए प्रतिरोधी है एवं शीथ ब्लाईट एवं ब्राउन स्पॉट के लिए सहनशील है। यह प्रजाति  गॉल मिज एवं डब्यूपीएचबीपीएच के प्रति क्षेत्र सहनशीलता रखती है।

5. सिफ़ारिश किए गए क्षेत्र/स्थान – हालांकि सिंचित स्थिति के लिए इस प्रजाति की सिफ़ारिश की गई है, तथापि सूखे के लिए इसकी सहनशीलता का स्तर अच्छा है।

6. अभिग्रहण के क्षेत्र – 1. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश एवं पूर्वी उत्तरप्रदेश के राज्य के लिए 33वें ऑल इंडिया राइस वर्कशॉप द्वारा सिफ़ारिश की गई है।

                                     2. समस्त मिट्टियों पर सिंचित अवस्था एवं राज्य की वर्षा पूरित स्थिति के अंतर्गत "डोर्सा" एवं "कन्हार" मिट्टी के लिए, ज़ोनल रिसर्च ऍण्ड ऍक्सटेन्शन ऍड़वाइज़री कमिटी द्वारा सिफ़ारिश की गई।                     

7. विशेष गुण - बामलेश्वरी प्रजाति में उच्च उपज क्षमता है एवं यह बीएलबी के लिए प्रतिरोधक हैं एवं शीथ ब्लाइट, ब्राउन स्पॉट के लिए उच्च सहनशीलता रखती है एवं पोहा उद्योग को भी यह स्वीकार्य है।               8. औसत उपज - 45 से 55 क्विंटल/हेक्टेयर

9. द्वारा विकसित - आर.के. साहू, जी.आर.साहू, ए.के.सरावगी, आर.के.मिश्रा, वी.एस. त्रिमूर्ति, एन.पांडे, बी.सी. शुक्ला, डी.शर्मा, एन.के.मोतीरमानी, एल.के.मिश्रा, वी.एन.साहू।

 

 

File Courtesy: 
आइजीकेवी, रायपुर
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