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प्रजाति का नाम : "चन्द्रहासिनी " (आइईटी 16800, आर 979-1528-2-1, आइसी 549667)

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1. उत्पत्ति - अभय × फाल्गुन                                            

2. परिपक्वता – 120-125 दिन

3. अनाज का प्रजाति - लंबा महीन अनाज

4. जैविक तनाव - आर से जीएम 1, बीपीएच, लीफ़ फ़ोल्डर, डब्यू, वाबीपीएच एवं नैक ब्लास्ट का सामान्य रूप से प्रतिरोधी, एवं लीफ़ ब्लास्ट, ब्राउन स्पॉट एवं शीथ रूट के प्रति सहनशील।

5. सिफ़ारिश किए गए क्षेत्र/स्थान - छत्तीसगढ़ मैदानों के माध्यम से गाढी मिट्टी के सिंचित पर्यावरण प्रणाली एवं वर्षा पूरित क्षेत्रों के लिए सिफ़ारिश की गई है।

6. अभिग्रहण के क्षेत्र - छत्तीसगढ़ के साबुत धान उगाने वाले क्षेत्र।

7. विशेष गुण - यह संस्कृति, इसकी उच्च उपज क्षमता, निर्यात गुणवत्ता अनाज (ग़ैर बासमती) वांछनीय गुणवत्ता के साथ, किसानों को अत्यधिक स्वीकार्य है, अर्थात, मध्यवर्ती जीटी, उच्च ऐमिलेज़, मुलायम जेल स्थिरता एवं उच्च हेड राइस रिकवरी एवं आर से जीएम 1, बीपीएच, लीफ़ फ़ोल्डर, डब्यूपीएचबीपीएच एवं नैक ब्लास्ट का सामान्य रूप से प्रतिरोधी, एवं लीफ़ ब्लास्ट, ब्राउन स्पॉट एवं शीथ रूट के प्रति सहनशील।

8. औसत उपज - 45-50  क्विंटल/हेक्टेयर

9. द्वारा विकसित - ए.के.सरावगी, एन.के.मोतीरमानी, दीपक शर्मा, आर.एल.पांडे, एन.पांडे, वी.एस.त्रिमूर्ति, एस.बी.वेरुळकर, डी.जे.पोफेली, वी.के.दुबे, रवीन्द्र वर्मा, रीता बिस्ने।

 

 

 

File Courtesy: 
आइजीकेवी, रायपुर
Image Courtesy: 
आइजीकेवी, रायपुर
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