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बीपीएच एवं डब्‍ल्यूबीपीएच

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1. नवजात एवं वयस्क रस सोख कर एवं अपने भोजन के साथ ज़ाइलेम एवं फ्लोएम के अवरोधन द्वारा पौधों को नुकसान पहुँचाते हैं।

2. कोष एवं ऊतकों के टुकड़े इन नलिकाओं में प्रारंभिक भोजन के समय धकेले जाते हैं एवं पौधे के विकास के प्रारंभिक चरण को प्रभावित करते हैं, ऊंचाई एवं सामान्य ताक़त को कम करते हैं।

3. परिणामस्वरूप प्रभावित पौधे का रंग पीला पड़ जाता है एवं वह मर जाता है।

4. बाद के चरणों में, फसल मर जाती है एवं घब्बों को "हॉपर बर्न" कहा जाता है। बीपीएच "ग्रासी स्टंट वायरस" भी प्रेषित करता है।

डब्ल्यूेबीपीएच एवं बीपीएच के प्रबंधन

डब्‍ल्यूबीपीएच
 
अंकुर
33कि.ग्रा. कार्बोफ्यूरॉन 3जी / 10कि.ग्रा. फॉरेट 10जी
जुताई
75मि.ली. ऍमिडिक्लोप्रिड़/ 600 मि.ली. फिप्रोनिल 5%
बीपीएच
 
जुताई 
900ग्रा. कार्बोरिल 50% / 850 मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस 36%
बूटिंग 
1100 मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस 36% / 100 मि.ली. ऍमिडिक्लोप्रिड़ 20%
पुष्पगुच्छी
1500 मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस 36% / 125 मि.ली. ऍमिडिक्लोप्रिड़

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