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Insect pests of rice in meghalaya and manipur मेघालय और मणिपुर में चावल की फसल में लगने कीट

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1. जीव-जंतुओं की जितनी भी प्रजातियां हैं उनमें दो तिहाई कीट होते हैं। वे प्रायः सभी प्रकार वातावरण में पाए जाते हैं। यदि जलवायविक दशाएं अनुकूल हों तो वे अपनी संख्या बड़ी तेजी से बढ़ाते हैं। 

2. भारत के उत्तरपूर्वी प्रदेशों में कीट बांकी सभी जंतुओं की तुलना में बहुतायत से और विविधता में पाए जाते हैं। उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों में 6000 से भी अधिक प्रजातियों के कीट एकत्र किए किए गए हैं और विभिन्न फसलों में 1000 से भी अधिक की पहचान की गई है (Shylesha et ai, 2006)। 12 से भी अधिक संख्या में ऐसे महत्वपूर्ण कीट हैं जो चावल की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। स्टेम बोरर, गन्धी बग, लीफ एंड प्लांट होपर और हिस्पा जैसे कीट उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों में चावल की फसल में लगते हैं।   

 

 

File Courtesy: 
ICAR NEH,उमियम
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