Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

फ़सल (चावल) के रोगों/पीड़कों पर मैंगनीज (Mn) का प्रभाव।

PrintPrintSend to friendSend to friend

1.Mn कवक के लिए प्रत्यक्ष रूप से विषैला होता है, साथ ही यह लिग्नीफिकेशन (भौतिक अवरोध) को बढ़ावा देता है और प्रकाश-संश्लेषण को बढ़ाता है, जिससे जड़ से रिसाव होता है और एंटीफंगल माइक्रोफ्लोरा को बढ़ावा मिलता है। 

2. यह ऐसी सिंचित भूमि में जहां  Mn की उपलब्धता काफी अधिक होती है, राइस ब्लास्ट (उच्च नाइट्रोजन तथा निम्न पोटेशियम की स्थिति में) को ब्राउन स्पॉट के प्रति प्रतिरोधी बनाता है। 

3. चूंकि Mn की भूमिका NO3 -N अवकरण में (एमीनो एसिड के निर्माण हेतु NO3 -N के कार्बनिक अम्लों में शामिल होने से पहले) होती है, इसलिए Mn की कमी से NO3 -N (उच्चभूमि के चावल के लिए N का एक प्रमुख स्रोत) का जमाव होता है। इस प्रकार उच्च भूमि वाले चावल में  Mn की कमी से हानि उत्पन्न होती है।

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies