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फ़सल (चावल) के रोग/पीड़कों पर जिंक (Zn) का प्रभाव

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1.Zn पौधों में रोगाणुओं के ख़िलाफ प्रतिरोध बढ़ाता है। 

2.Zn की आपूर्ति वाली मिट्टी में जड़ों में होने वाले रोगों की संभावना कम देखी जाती है। Zn घोल की थोड़ी मात्रा प्रभावी कवकनाशी के रूप में कार्य करती है। 

3.Zn लवण से बीजों को उपचारित करने से भी कवक रोगों में कमी आती है। Zn की कमी प्रोटीन संश्लेषण को बाधित करती है।. 

4. असंतुलित (उच्च N, तथा निम्न Zn) उर्वरक प्रयोग से उत्पन्न Zn की कमी एमीनो अम्ल के जमाव पैदा करता है। 

5. ऐसी स्थिति चूषण कीटों तथा परपोषी कीटों के लिए हमले करने के लिए अनुकूल स्थिति होती है।  

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
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