Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

फ़सलों (चावल) के रोग/पीड़कों पर फॉस्फोरस (P) की भूमिका

PrintPrintSend to friendSend to friend

1. यद्यपि उपज में वृद्धि लाने के लिहाज से  P की आपूर्ति काफी अहम मानी जाती है, पर इसके लिए थोड़ी चिंताएं भी होती हैं। 

2. यह पौधे की रोग/पीड़क प्रतिरोधकता पर प्रभाव डालता है। 

3. उदाहरण के लिए राइस ब्लास्ट के लिए  N का स्तर काफी अहमियत रखता है और P से इसका कोई संबंध नहीं होता। पर्याप्त P आपूर्ति से होने वाली निरंतर्न वृद्धि से पौधे में कुछ प्रकार की जड़ रोगों (पाइथियम) से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। 

4.P तथा K की संतुलित मात्रा से N के नकारात्मक प्रभाव कम होती है। इसके विपरीत अपर्याप्त P आपूर्ति से कुछ हद तक स्टेम रॉट को बढ़ावा मिलता है। 

5. एक संरचनात्मक तत्त्व की भूमिका निभाने के कारण  P तथा N होस्ट पौधे में वायरल गुणन को बढ़ाते देखे गए गए हैं। 

6. हालांकि  P की कमी के साथ K की अपर्याप्त आपूर्ति के कारण चावल में  BLB की वृद्धि होती है। 

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies