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फ़सल के पौधों (चावल) पर रोग/पीड़क के हमले पर नाइट्रोजन (N) की भूमिका

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1. खनिज पोषण तत्त्वों के बीच  पौधों के प्रतिरोध पर N का सबसे अधिक प्रभाव होता है। 

2. पोषक पौधे का रोगों/पीड़कों के प्रति प्रतिरोध पर N की बढ़ती भूमिका रिसर्च खेतों तथा उद्यान फ़सलों के मैनेजर/किसानों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। 

3. अन्य प्रमुख पोषणों की तुलना में अत्यधिक N अनुप्रयोग (9.5: 3.0: 1.0 NPK) पौधे की संवेदनशीलता को बढ़ाता है। N  की बढ़ती हुई आपूर्ति तथा पीड़कों/रोगों के प्रति प्रतिरोध के बीच सामान्यतः एक नकारात्मक संबंध देखा गया है।  

4. उच्च  N आपूर्ति की स्थिति में राइस ब्लास्ट की तीव्र गंभीरता निम्न Si सांद्रता (वृद्धि द्वारा तनुकरण) तथा फेनॉल के कारण देखी जाती है। 

5. पत्तों के निरंतर गीलापल के साथ उच्च N अनुप्रयोग, खासकर निम्न तापमान की स्थिति में स्पोर के अंकुरण को बढ़ावा देता है। 

6. पतली कोशिका भित्तियों के भीतर आकर्षक खाद्य स्रोत की उपस्थिति में एपिडर्मल ऊतक के अपर्याप्त सिलिसिफिकेशन के कारण संरचनात्मक प्रतिरोध कम हो चुके होने की स्थिति में यह कवकों पर हमला करने के लिए काफी अनुकूल दशा प्रदान करता है। 

7.NH4- N खासकर रात के निम्न तापमान की स्थिति में (20 0 C से कम) राइस ब्लास्ट की गंभीरता को बढ़ावा देता है, जो पौधे में एमाइड  N की वृद्धि के कारण होता है। N उर्वरक की ऊंची दर के कारण चावल के पौधे में शीथ ब्लाइट/स्टेम रॉट के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है। 

8. नाइट्रोजन के विवेकपूर्ण प्रबंधन से भी चावल की फ़सल में  BLB से होने वाली उपज हानि को कम किया जा सकता है।  

9. राइस टंग़्रो डिजीज (RTD) की स्थिति में N की अधिक आपूर्ति से रोग के लक्षण कुछ दब कर नाइट्रोजन कमी के लक्षण से मिलते-जुलते हो जाते हैं। 

10. इसी प्रकार चावल के कीट जैसे लीफ फोल्डर ( LF) भूरा टिड्डा (BPH) तथा गॉल मिज (GM) नाइट्रोजन के असीमित तथा अविवेकपूर्ण इस्तेमाल की इस्तेमाल की स्थिति में अधिक हमले करते हैं, क्योंकि उन्हें रसीली/ गहरा हरी/ फ़सल छत्ती (LF, BPH) एवं पोषण से भरपूर (एमीनो अम्ल) फ्लोएम सैप (BPH) मिलती हैं।  

11. उच्च N वाले चावल के पौधे का गहरा हरा रंग  BPH, SB जैसे पीड़कों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ऐसी चावल किस्में जिनमें मुक्त एमीनो अम्ल (ऐस्पार्टिक/ऐस्पर्जाइन/वेलाइन जो पौधों पर रहने वाले टिड्डों के लिए आवश्यक होते हैं) होते हैं, वे अच्छी तरह से उर्वरक के इस्तेमाल वाले खेत में भी प्रतिरोधी पाये जाते हैं। 

12.N के अत्यधिक उपयोग से पोषक पौधा स्टेम बोरर के हमले के प्रति संभावनाशील बनाता है, पौधे में  Si मात्रा के पतला होने के कारण होता है। 

13. लवणता की दाब झेलने वाले चावल के पौधे व्हाइट-बैक्ड प्लांट ग्रासहोपर (WBPH) के लिए अनुकूल पाये जाते हैं। यह इसलिए होता है कि लवणता दाब से N की प्राप्ति बढ़ती है तथा  K का अवशोषण कम हो जाता है, जिससे चावल के पौधे में पत्रावरण में अलेलोकेमिकल्स का उत्पादन निम्न हो जाता है। 

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
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