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फ़सल की वर्धी वृद्धि अवस्था पर लवण दाब का प्रभाव

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1. मिट्टी तथा जड़ क्षेत्र में आयनों के जमाव से, पौधे जल का अवशोषण में

अक्षम हो जाते हैं और इस लिए पौधों में जल की कमी उत्पन्न हो जाती है, जिसे फीजियोलॉजिकल ड्रॉट कहते हैं। 

2. वर्धी अवस्था के दौरान, लवण प्ररित जल से स्टोमेटा बंद हो जाता है, जिससे  CO2 के स्वांगीकरण तथा प्रस्वेदन में कमी हो जाती है। 

3. स्फीति दाब विभव का प्रभाव पत्तियों के प्रसार पर पड़ता है। पत्तियों के क्षेत्रफल में कमी से प्रकाश के रोक पर कमी हो जाती है, जिससे प्रकाश-संश्लेषण की दर कम हो जाती है, इससे श्वसन में तेजी आती है और बायोमास का जमाव कम हो जाता है।    

 

 

File Courtesy: 
TNRRI,अदुथुरई
Image Courtesy: 
TNRRI, अदुतुराई
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