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Cu की कमी का प्रबंधन

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1. अम्लीय मिट्टी के अतिरिक्त चूनाकरण से बचें। 

2.Cu की कमी वाली मिट्टियों में 3 साल के अंतराल पर 10-20 kg CuSO4/ha (25% Cu) की सलाह दी जाती है। इसके अलावा CuO (60-80% Cu), Cu फ्रिट्स (3.7%) तथा Cu चीलेट्स (Cu EDTA) का इस्तेमाल चावल पर सफलतापूर्वक किया गया है। 

3.1% CuSO4 में बिचड़े की जड़ को 1 घंटे तक उपचारित करने की अनुशंसा के जाती है। 

4. 0.1 से 0.2% CuSO4 का फोलियर स्प्रे का भी सुझाव दिया जाता है। 

5.  केरल में चावल की फ़सल के लिए बीजों को 24 घटों तक 0.25% CuSO4 में भिगोएं। 

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
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