Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

राइस इअर कटिंग कैटरपिलर

PrintPrintSend to friendSend to friend

राइस इअर कटिंग कैटरपिलर

1. राइस इअर कटिंग कैटरपिलर (माइथिम्ना सेपरेटा) का प्रकोप 1982 के दौरान आरम्भ में असम में दर्ज़ किया गया और उसके बाद यह मणिपुर, अरुणाचल, मेघालय और त्रिपुरा में फैल गया।

2. यह इस क्षेत्र में चावल का एक महत्वपूर्ण कीट है। फैलने के दौरान यह खड़ी फसल को 100% नुकसान का कारण बनता है।

3. लार्वा कान के सिरे को काट कर चावल के तने को पीछे छोड देते हैं जिसके परिणामस्वरूप ऐसा लगता है मानो खेत को पशु चर गए हों। यह फसल की उपज को सीधे प्रभावित करता है।

File Courtesy: 
ICAR NEH, Umiam
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies