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मॉडिफाइड मैट नर्सरी

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1. इस विधि से बिचड़े को किसी कठोर सतह पर मिट्टी के मिश्रण की

परत बिछाकर तैयार किया जाता है।

2. इसमें कम जमीन और कम खाद-पानी की आवश्यकता होती है। इसमें नर्सरी की लागत 50% तक कम आती है।

3. 15-20 दिनों के बाद बिड़वा चार पत्ते की अवस्था को प्राप्त कर लेता है जिस कारण इसकी वृद्धि तेज होती है और खेत में इसकी रोपाई जल्द की जा सकती है।

4. पारंपरिक गीली शैय्या वाली नर्सरी के 25-35 दिन की तुलना में इसमें बिचड़े के तैयार होने में बहुत कम समय लगता है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/ericeproduction/II.5_Nursery_systems.htm
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