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गीली शैय्या

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1. गीलीशैय्या प्रकार की नर्सरी ऐसी जगहों पर इस्तेमाल की जाती

है जहां भरपूर पानी हो।

2. पूर्व-अंकुरित बीजों को अच्छी तरह कीचड़ तैयार और समतल भूमि में बिखेरा जाता है। पानी के उचित निकास के लिए नाले जरूर बने होने चाहिए।

3. जैविक खाद और थोड़ी मात्रा में रसायनिक ऊर्वरक बेसल डोज के रूप में देने से बिड़वे अच्छे निकलते हैं और बड़े स्वस्थ होते हैं।

File Courtesy: 
http://agritech.tnau.ac.in/agriculture/agri_cropproduction_cereals_rice.html
Image Courtesy: 
ZARS, मंड्या
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