Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

नर्सरी प्रबंधन

PrintPrintSend to friendSend to friend

1. 1000 वर्ग मी. का नर्सरी क्षेत्र एक हे. खेत की रोपाई के लिए पर्याप्त होता है। सूखी स्थिति में नर्सरी की दो बार जुताई करनी चाहिए।

2. जैविक अवशेषों को खेत में सड़ाकर तैयार किए गए खाद की 500 किग्रा. मात्रा को आवश्यकतानुसार 1000वर्ग मी. भूमि में डालें।

3. इसके बाद पांच दिनों के अंतराल पर दो या तीन बार खेत में पानी (2-3 सेमी) लगी स्थिति में कीचड़ तैयार करें।

4. अन्तिम कीचड़ के बाद खेत को समतल कर लें और 1 मी. से 1.5 मी. तक की चौड़ाई की बीजशैय्या तैयार करें। बीजशैय्या के बीच 30 सेमी का रिक्त स्थान छोड़ें।

5. 5-10 किग्रा. नाइट्रोजन, 5 किग्रा P2O5 5 किग्रा. K2O प्रति 1000वर्ग मी. की दर से आखिरी लेवलिंग से पहले प्रयोग करें। कम तापमान के कारण पौधे की वृद्धि धीमी होने की स्थिति में फॉस्फेटिक ऊर्वरक की मात्रा दुगुनी करें।

6. जिंक की कमी वाले इलाके में 3-4 किग्रा जिंक सल्फेट/1000वर्ग मी. क्षे. की दर से प्रयोग करें। आयरन क्लोरोसिस (बिचड़े का पीला पड़ना) की रोकथाम के लिए 2% फेरस सल्फेट घोल का साप्ताहिक रूप से 2-3 बार छिड़काव करें या फिर बार-बार खेत को पानी से भरें।

File Courtesy: 
DRR ट्रेनिंग मैनुअल
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies