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ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के नियंत्रण की पारंपरिक पद्धतियां

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ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के नियंत्रण की पारंपरिक पद्धतियां :

1. फ़सक की कटाई के बाद ठूठों को जलाने से इस रोग के नियंत्रण में काफी मदद मिलती है। 

2. संक्रमित फ़सल के सभी अवशेषों को पूर्ण रूप से हटाने से काफी नियंत्रण होता है। 

3. मोल्डबोर्ड जुताई, फ़सल चक्रण से भी बचे हुए इनोकुलम के विकास को रोका जा सकता है। 

4. चावल की बुआई घने रूप से नहीं करना चाहिए क्योंकि उनसे रोग को बढ़ावा मिल सकता है। 

5. टिलरिंग के बाद पूरे खेत में उन्हें साप्ताहिक रूप से जांच करें और ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट का पता लगाएं। 

6. यह देखें कि जख्म लंबा होना शुरु हो गया है तथा फ्लैग पत्रावरण अथवा फ्लैग पत्र के नीचे के पत्रावरण तक पहुंच रहा है।  

7. फ्लैग पत्र के नीचे के पत्रावरण तक पहुंचने से पहले जख्मों को उसका उपचार करें। उपचार के निर्णय से पहले पौधे की वृद्धि अवस्था का भी अवश्य ध्यान रखें। 

 

File Courtesy: 
http://www.ipm.ucdavis.edu/PMG/r682100311.html
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