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Stage 6 - Flowering of rice plant (Anthesis) अवस्था 6- चावल के पौधे का पुष्पण (एंथेसिस्)

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1. पुष्पण तब शुरू होता है जब शूकिका से परागकोश बाहर की ओर निकलता है और तब परागण और निषेचन सम्पन्न होते हैं।
2. पुष्पण के दौरान पुष्पिका खुलती है, पुंकेसर के दीर्घीकरण के कारण पुष्प कवच से परागकोश बाहर निकलता है और परागकोश का स्फुटन होता है तथा पराग कण झरते हैं।
3. पराग कण स्त्री-केसर पर झरता है, वर्तिका से होकर अंकुरित होता है,भ्रूण तक पहुंचता है और अंडे को निषेचित करता है। स्त्री-केसर पक्षयुक्त संरचना है जिससे होकर अंकुरित हो रहे पराग (इस चित्र में गोल,गहरे रंग की आकृतियां) की परागनली उगती है और अंडाशय तक पहुंचती है।
4. एंथेसिस की प्रक्रिया तबतक जारी रहती है जब तक पुष्पगुच्छ की सारी शूकिकाएं खुल नहीं जातीं। बाएं से दाएं, यह फ्रेम हेडिंग के बाद पहले दिन पुष्पगुच्छ के ऊपर, हेडिंग के दूसरे दिन पुष्पगुच्छ से मध्य में, हेडिंग के तीसरे दिन पुष्पगुच्छ के निचले भाग में एंथेसिस या पुष्पण को दर्शाता है। हेडिंग के एक दिन बाद पुष्पण होता है। आमतौर पर, पुष्पक सुबह के समय खुलता है। पुष्पगुच्छ की सभी शूकिकाओं को खुलने में लगभग 7 दिन लगते हैं। पुष्पण होने पर 3-5 पत्ते अभी भी खुले रहते हैं।
5. इस चावल के पौधे के एनथेसिस के दौरान अलग हो गए टिलर फलदायी एवं फलहीन टिलरों में वर्गीकृत हैं।

File Courtesy: 
RARS, करजत
Image Courtesy: 
RARS, करजत
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