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Stage 3 - Stem elongation of rice plant अवस्था 3- चावल के पौधे के तने की अभिवृद्धि

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1. यह अवस्था पुष्पगुच्छ के निकलने के पूर्व आरंभ होती है अथवा यह कल्ले निकलने की अवस्था के उत्तरवर्ती चरण में होती है। इसतरह, अवस्था 2 और 3 का अतिव्यापन हो सकता है।
2. कल्ले की संख्या और ऊंचाई का बढ़ना जारी रहता है लेकिन पत्तों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दिखाई पड़ती। पौधे के बड़ॆ होते जाने से जमीन पर आच्छादन और ऊपर चंदोवे का बढ़ना जारी रहता है।
3. वर्धन काल महत्वपूर्ण रूप से तने के दीर्घीकरण से जुड़ा होता है। लंबे वर्धनकाल वाली किस्मों में तने का दीर्घीकरण अधिक होता है। इसे ध्यान में रखकर चावल की किस्मों को दो वर्गों में बांटा जाता है: 105-120 दिनों में तैयार होने वाली अल्पावधि किस्में और 150 दिनों वाले दीर्घावधि किस्में।
4. IR64 जैसी अगात उप-बौनी किस्मों में पुष्पगुच्छ निकलने वाले स्थान से नीचे तने का चौथा पर्वांतर पुष्पगुच्छ के दिखाई पड़ने से पहले केवल 2-4 सेमी वृद्धि करता है।

File Courtesy: 
RARS, करजत
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