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खर-पतवार के नियंत्रण के लिए रक्षात्मक उपाय

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• अच्छी गुणवत्ता वाले तथा खर-पतवार रहित चावल के दाने के प्रयोग से खर-पतवार के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है। खेती के उद्देश्य से चावल के एक महादेश से दूसरे में खरीदे जाने के क्रम में भी खर-पतवार का प्रसार होता है।   

• यदि चावल के बीज में खर-पतवारों के बीज शामिल हों या उपकरणों में उनके बीच फंस जाएं अथवा सिंचाई वाले जल के साथ वे एक खेत से दूसरे में पहुंच जाएं, तो एक किसान से दूसरे तथा एक खेत से दूसरे में खर-पतवारों का अधिक स्थानीय रूप से प्रसार होता है। 

• प्रायः खर-पतवार के बीज अपने रूप-रंग में मुख्य फ़सल के बीज से मेल खाते दिखते हैं, जिससे वे चावल के बीज में शामिल हो जाते हैं और उनका प्रसार हो जाता है। जो खर-पतवार फ़सल से पहले पकते हैं वे फसल के साथ पकने वाले खर-पतवारों की तुलना में कम प्रसार करते हैं तथा वे अधिकतर स्थानीय रूप में ही देखे जाते हैं।  

• जल्दी पकने वाले खर-पतवार के बीज उपकरणों, जल तथा हवा द्वारा प्रसार करते हैं। ऐसे खर-पतवार जो फ़सल के साथ पकते हैं, कटाई के समय चावल की फ़सल में शामिल हो जाते हैं और बाद में वे उनके बीजों में भी आ जाते हैं। 

 

File Courtesy: 
चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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