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हाइब्रिड बासमती चावल का विकास

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1. इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंसटीट्यूट, (IARI), नई दिल्ली में विकसित बासमती क्वालिटी के पैरेंटल लाइनों ( CMS और रेस्टोरर लाइन) का इस्तेमाल कर पूसा RH 10 को विकसित किया गया और इसे जुलाई 2001 में CSCCSN&RV द्वारा हरियाणा, दिल्ली और उत्तरांचल के सिंचित पारितंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन हेतु जारी किया गया।

2. इसके दानों की क्वालिटी बहुत अच्छी रही और और 40% अधिक उपज के साथ सर्वोत्तम चेक वेराइटी पूसा बासमती 1 के 135 दिनों की परिपक्वता अवधि की तुलना में इसकी परिपक्वता अवधि 115 दिनों की होती है ।

3. कम समय में तैयार होने के कारण यह मानसून आरंभ होने के बाद लगाने के लिए उपयुक्त है जबकि उपज में कोई कमी नहीं होती।

4. पूसा RH 10 के जारी होने के साथ ही इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंसटीट्यूट और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च को विश्व का पहला सुपरफाइन दानों वाला सुगंधित हाइब्रिड चावल विकसित करने का श्रेय हासिल हुआ।

File Courtesy: 
एग्रो टेक्निक्स फॉर हाइब्रिड राइस कल्टिवेशन एंड सीड प्रोडक्शन- 2005, DRR ट्रेनिंग मैनुअल
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एग्रो टेक्निक्स फॉर हाइब्रिड राइस कल्टिवेशन एंड सीड प्रोडक्शन- 2005, DRR ट्रेनिंग मैनुअल
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