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सीएसएयू में होगी चावल की विभिन्न प्रजातियों पर रिसर्च

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एजेंसी ॥ लखनऊ
यूपी के कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसएयू) में अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चावल पर शोध किया जाएगा। इसके तहत चावल की विश्वस्तरीय प्रजातियों को यूनिवर्सिटी के परिक्षेत्र में आने वाले जिलों में उगाया जाएगा और उत्पादन परिणामों की जानकारी इकट्ठा की जाएगी।
इस मसले पर यूनिवर्सिटी में चावल शोध परियोजना के प्रभारी डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र (आईआरआरआई), फिलिपिंस द्वारा इस वर्ष शुरू की गई विश्वस्तरीय चावल शोध परियोजना (स्ट्रेस टोलेरेन्स राइस फोर अफ्रीका एंड साउथ एशिया) में यूनिवर्सिटी को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना का संचालन आईआरआरआई, बिल एंड मिलिण्ड गेट्स फाउंडेशन' और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अफ्रीका एवं दक्षिण एशिया के लिए चावल की उन प्रजातियों की पहचान करना है, जो वहां की जलवायु एवं मिट्टी में कम लागत में अधिक उत्पादन दे।
परियोजना के तहत विश्व के अन्य देशों में बाढ़, सूखा एवं क्षारीय भूमि (ऊसर) पर उगाई जाने वाली प्रचलित धान की प्रजातियों का परीक्षण देश में विभिन्न प्रकार की मिट्टी में किया जाएगा और उनकी उत्पादक क्षमता को परखा जाएगा। देश की प्रचलित प्रजातियों के भी अंतर्राष्ट्रीय मृदाओं के गुणों को ध्यान में रखते हुए परीक्षण किए जाएंगे।
परीक्षण के आंकड़ों की जानकारी आईआरआरआई को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया में अन्य देशों के वैज्ञानिक भी यूनिवर्सिटी आएंगे। भारतीय वैज्ञानिक भी अन्य देशों में जाकर शोध कार्य में हिस्सा लेंगे। परियोजना के लिए आर्थिक अनुदान एवं अन्य सुविधाओं के बारे में अभी कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

Courtesy : http://navbharattimes.indiatimes.com/india/north/research-on-various-spe...

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