Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

कृतेक-प्राणी (कुतरनेवाले) प्रबंधन

PrintPrintSend to friendSend to friend

• गॉंवों में खेत एवं घरों के चूहे भी एक गंभीर समस्यार है, क्यों कि ये अनाज को क्षति पहुँचाते हैं एवं मिट्टी से बने घरों को भी इनसे नुकसान पहुँचता है।

• यह भी कहा जाता है कि इनके कारण घरों मे विषैले सॉंप भी आ जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में इन्हें  आग में भूनकर खाया जाता है, चूहों का शिकार करना छत्ती्सगढ़ के कुछ क्षेत्रों में बहुत लोकप्रिय है। 

• चूहों पर नियंत्रण पाने के लिये प्रयोग में लाये जानवाले कुछ स्व देशी उपाय:

1. बाजार में उपलब्‍ध पिंजरों को प्रयोग करना

2. घरों में बिल्लीा पालना

3. पत्‍‍थर एवं टूटे कांच से बिलों को बंद करना

4. कृतेक प्राणी के रास्तेा में कन्हे र के फल रखना

5. चूहों  के बिलों के माध्यसम से जमीन की खोखरों में पानी भर देना

6. खाने के लिये चूहों को मारना

7. लकड़ी के पिंजरे

8. पत्थ र के टुकड़ों के पिंजरे

9. बॉंस के पिंजरे

10. अंदर जाने के रास्तेु पर धुऑं कर देना

11. अफीम के पत्तोंा के साथ उबले हुए चने विषैले प्रलोभन के लिये प्रयोग में लाना

12. बिलों में रेत भर देना

13. चूना एवं तंबाकू चावल के साथ उबालकर चूहे के रास्तेे में रखना 

चूहे को पकड़कर उसके बदन पर तेल मलना और फिर छोड़ देना

 

 

 

Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies