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Weed Management

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2
Sep

लिप्पिया नोडीफ्लोरा की उपस्थिति

1. यह गीली चावल भूमि का खर-पतवार है, सामान्यतः यह नदी किनारे तथा बांध में मिलता है।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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2
Sep

लिप्पिया नोडीफ्लोरा का प्रसार

1. यह बीजों तथा मूलयुक्त तने द्वारा अपना प्रसार करता है।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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2
Sep

लिप्पिया नोडीफ्लोरा का विवरण

1. एक लत्तर, बहुवार्षिक शाक, तना से जड़-विकास। तना अधिक शाखित, रोमिल या ग्लैबरस; पत्तियां अपोजिट क्युनिएट-ओबोवेट, नीचे कुछ संपीडित रोम के साथ सेरेट ऑब्टूज।

2. वृंत छोटा। पेडंक्यूल्स 6 – 7 मिमी लंबा। सिर 3 – 6 मिमी व्यास। अंततः दीर्घीकृत 7 – 12 मिमी। ब्रैक्ट्स ओबोवेट या सब-ओर्बिक्युलर, लघु ऐक्युमिनेट।

3. कैलिक्स 2-फिड, लघु प्युबेसेंट। कोरोला 2.5 मिमी लंबा, सब-2 लिप युक्त, 5 छोटे लोब वाले, निम्नतम, बड़े, ऊपर वाले 2 सबसे छोटे।

4. वर्तिका छोटी, वर्तिकाग्र ऑब्लिक। फल 2 मिमी व्यास, दो फिड युक्त कैलिक्स तथा ब्रैक्ट्स। इसमें फूल तथा फल पूरे वर्ष भर लगते हैं।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण , DRR
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2
Sep

Lippia nodiflora – लिप्पिया नोडीफ्लोरा

लिप्पिया नोडीफ्लोरा - Lippia nodiflora
जीवन रूप - बहुवार्षिक

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण , DRR
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2
Sep

खर-पतवार प्रबंधन के लिए खेत की तैयारी

• जमीन की तैयारी चावल की वृद्धि तथा विकास के लिए 

एक अनुकूल दशा प्रदान करती है, साथ ही यह रोपण के समय खर-पतवार से मुक्ति भी दिलाती है। सही तरीके से भूमि की तैयारी करने से उसके बाद होने वाले खर-पतवार के विकास में कमी आती है इससे और चावल के पौधे को स्थापित होने में मदद मिलती है व खर-पतवारों के उगने से पहले संसाधनों के उपयोग में दक्षता आती है।     

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

खर-पतवार के नियंत्रण के लिए रक्षात्मक उपाय

• अच्छी गुणवत्ता वाले तथा खर-पतवार रहित चावल के दाने के प्रयोग से खर-पतवार के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है। खेती के उद्देश्य से चावल के एक महादेश से दूसरे में खरीदे जाने के क्रम में भी खर-पतवार का प्रसार होता है।   

• यदि चावल के बीज में खर-पतवारों के बीज शामिल हों या उपकरणों में उनके बीच फंस जाएं अथवा सिंचाई वाले जल के साथ वे एक खेत से दूसरे में पहुंच जाएं, तो एक किसान से दूसरे तथा एक खेत से दूसरे में खर-पतवारों का अधिक स्थानीय रूप से प्रसार होता है। 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

खर-पतवार के नियंत्रण के लिए वीडर मशीन

• हस्त चालित या बिजली चालित वीडर का उपयोग किया जाता है। यह केवल तभी संभव होता है, जब चावल सीधी कतार में बोया जाता है। हैंड वीडर जैसे रोटरी तथा कोनो तब प्रभावी नहीं रहते जब भूमि काफी सूखी रहती है या ठहरे पाने में डूबी होती है। 

• ठेल कर चलाने वाले वीडर का काफी उपयोग किया जाता है। वीडर एक-दूसरे के समकोण पर दोनों ही दिशाओं में दौड़ाया जाना चाहिए।  

 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

खर-पतवारों के नियंत्रण की खुदाई विधि

• खर-पतवारों को गहरी खुदाई कर बाहर निकाल दिया जाता है, ताकि जमीन के अंदर रहने वाले उनके भंडारण अंग बाहर निकल जाएं। यह विधि Cynodon dactylon जैसे बारहमासी  खर-पतवार के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। 

 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

खर-पतवार नियंत्रण की कटाई विधि

• खर-पतवारों को जमीन की सतह से ऊपर से काट दिया जाता है तथा भारी चेनों की मदद से उनकी जड़ों और राइजोम की ड्रेजिंग और चेनिंग की जाती है। 

• जल-जमाव:  बारहमासी खर-पतवार  जैसे Cyperus rotundas, Cynodon dactylon की स्थिति में प्रभावी विधि है।  खर-पतवार वाले खेत में गहरी जुताई की जाती है और फिर 2-4 हफ्ते के लिए 30 सेमी तक पानी से भर दिया जाता है।

 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

हाथ से जुताई द्वारा खर-पतवारों का नियंत्रण

• हैंड हो के जरिए सतह की संपूर्ण मिट्टी को छिछली गहराई तक खोदी जाती है, जिसमें खर-पतवार उखड़ जाते हैं तथा वे हट जाते हैं। इसके बाद खेत को सूखने के लिए छोड़ना चाहिए ताकि उखड़े हुए बीज हल्की सिंचाई के पश्चात फिर से न उग पाए। भले ही यह कीमती होता है, पर काफी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह मिट्टी की भौतिक दशा को सुधारता है और साथ ही खर-पतवार का नाशन हो होता ही है। समय-समय पर जुताई कर कठिन खर-पतवारों पर नियंत्रण पाया जाता है। 

 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

खर-पतवारों के नियंत्रण की यांत्रिक विधियां

खर-पतवारों के नियंत्रण की यांत्रिक विधियां

1. हाथ से जुताई करना   

2.  खुदाई 

3.  कटाई 

 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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2
Sep

खर-पतवार नियंत्रण के लिए जुताई की पद्धतियां

• खर-पतवार नियंत्रण की पारंपरिक विधियां सफल  खर-पतवार प्रबंधन कार्यक्रम का एक अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए, तथा इससे न केवल खर-पतवारों की वृद्धि में कमी आनी चाहिए, बल्कि यह चावल के बिचड़ों के जमने में और फ़सल की वृद्धि में भी मददगार साबित होनी चाहिए। 

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चावल में खर-पतवार प्रबंधन, DRR ट्रैनिंग मैनुअल
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30
Aug

क्लियोम आइकोसानड्रा का नियंत्रण

रासायनिक नियंत्रण:
1. 2,4-D Na 80 WP, 0.80 (kg a.i./ha), 20-25 DAT
2. बेंसल्फ्युरॉन-मीथाइल,60 DF (kg a.i./ha), 20-25 DAT
3. ट्राइसल्फ्युरॉन 20 WP, 0.006-0.009 (kg a.i./ha), 7-12 DAT
4. ईथॉक्सीसल्फ्युरॉन 15 WSG , 0.015 (kg a.i./ha), 15 DAS
5. ऐल्मिक्स 20 WP + सर्फेक्टेंट (0.2%), 0.004( kg a.i./ha), 20-25 DAS

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण , DRR
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30
Aug

क्लियोम आइकोसानड्रा की उपस्थिति

1. यह कृषि तथा गैर-कृषि भूमि में, साथ ही उच्च भूमि के चावल के पौधों के बीच पाया जाता है। यह भारत के गर्म हिस्सों में पाया जाता है।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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30
Aug

क्लियोम आइकोसानड्रा का प्रसार

1. इसका प्रसार बीज द्वारा होता है।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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30
Aug

क्लियोम आइकोसानड्रा का विवरण

1. एक वार्षिक, सीधा ग्रंथियुक्त प्युबेसेंट शाक, लगभग 30-90 सेमी ऊंचा। पत्तियां: 3-5 फोलिएट; पत्र सेसाइल ओवेट से ओबोवेट आकार के, पुष्प: लंबा वृंत युक्त, लंबे रेसीमे में पीले रंग के।

2. सेपल ओवेट, ऐक्यूट। पंखुड़ियां: 4, 10-12 मिमी लंबी, तना: 12 या अधिक। कैप्स्यूल 2-3, सेरिएट, ग्रंथियुक्त प्युबेसेंट, ऊपर की ओर संकरा, वर्तिका ग्लैबरस।

3. बीज छोटे भूरे या काले तथा दानेदार। ये वर्षा के मौसम में पुष्पित होते हैं।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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30
Aug

Cleome icosandra, L. Syn. C. viscose, L.- क्लियोम आइकोसानड्रा

वैज्ञानिक नाम : Cleome icosandra - क्लियोम आइकोसानड्रा

कुल - Capparidaceae.

जीवन रूप – वार्षिक

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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30
Aug

कोर्कोरस अक्युटांगगुलस का नियंत्रण

रासायनिक नियंत्रण:
1. 2,4-D Na 80 WP, 0.80 (kg a.i./ha), 20-25 DAT
2. बेंसल्फ्युरॉन-मीथाइल, 60 DF (kg a.i./ha), 20-25 DAT
3. ट्राइसल्फ्युरॉन 20 WP, 0.006-0.009 (kg a.i./ha), 7-12 DAT
4. ईथॉक्सीसल्फ्युरॉन 15 WSG , 0.015 (kg a.i./ha), 15 DAS
5. ऐल्मिक्स 20 WP + सर्फेक्टेंट (0.2%), 0.004( kg a.i./ha), 20-25 DAS

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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30
Aug

कोर्कोरस अक्युटांगगुलस का प्रसार

1. यह बीज द्वारा प्रसार करता है।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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30
Aug

कोर्कोरस अक्युटांगगुलस की उपस्थिति

1. यह सड़क किनारे तथा कृषि वाली भूमि में तथा उच्च भूमि में उगने वाले चावल में पाया जाता है।

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खर-पतवार की प्रजातियों का विवरण, DRR
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