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Production Know How

Production Know How
20
Sep

कटाई के दौरान अनाज के झड़ने के कारण क्षति

1.खेत में 1-2 वर्ग मी क्षेत्रफल के यादृच्छिक टुकड़े चुन लेने चाहिए।    

2. कटाई प्रक्रिया के बाद इन जमीन के टुकड़ों में गिरे सारे दानों को जमा करना चाहिए। 

3. यदि खेत का क्षेत्रफल मालूम हो तो क्षति को किग्रा/हे. के रूप में व्यक्त किया जा सकता है या उपज का परिमाण ज्ञात होने की स्थिति में इसे उपज के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 

4. समान आर्द्रता, आमतौर पर 14% के आधार पर सभी क्षति की रिपोर्ट करनी चाहिए।

 

 

 

 

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

कटाई के दौरान क्षति

1. अनाज के झड़ने से हुई क्षति = बालियों से परिपक्व अनाज का समय-पूर्व झड़ जाना। यह पक्षियों, हवा, चूहों और परिचालन क्रिया के कारण हो सकती है।

2. लॉजिंग क्षति = बालियों में पके हुए दानों वाले पौधे जमीन पर गिर जाते हैं जिसकारण उन्हें समेटना मुश्किल हो जाता है। 

3. खड़ी फसल की क्षति = पके दानों वाले खड़े पौधे भी कभी-कभी कटाई के दौरान हुई लापरवाही के कारण खेत में छूट जाते हैं।   

 

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

कटाई के दौरान होने वाली क्षति का आकलन

1. कटाई के दौरान होने वाली प्रमुख क्षति इसप्रकार हैं: खेत में अनाज झड़ने के कारण होने वाली क्षति, कटी हुई फसल के बोझों के ढेर लगाने के दौरान हुई क्षति और मुख्य खेत से अनाज तैयारी वाले खलिहान तक परिवहन में होने वाली क्षति ।

File Courtesy: 
DRR ट्रेनिंग मैनुअल
20
Sep

फसल कटाई के लागत

1. एक एकड़ धान की फसल की कटाई पर 2300रु. की लागत आती है।

File Courtesy: 
http://agritech.tnau.ac.in/agriculture/agri_costofcultivation_rice.html
20
Sep

दानों की शुद्धता

1. शुद्ध दानों का अर्थ है एक ही किस्म, प्रजाति या प्रकार के दानें।

2. दानों की शुद्धता को बरकरार रखने के लिए यह सुनिश्चित करना चहिए कि इनमें किसी अन्य प्रकार या किस्म या प्रजाति के अनाज के दानें मिश्रित न हों।

File Courtesy: 
DRR ट्रेनिंग मैनुअल
20
Sep

दानों की ग्रेडिंग

1. ग्रेडिंग के द्वारा समान आकार और वजन के दानों को अलग-अलग किया जा सकता है।

2. ग्रेविटी सेपेरेटर, रोटरी चालनी, इंडेंटेड सिलिंडर आउर लेंथ ग्रेडर का इस्तेमाल ग्रेडिंग के लिए किया जा सकता है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/cleaning
20
Sep

दानों की सफाई

1. सीड क्लीनर में हल्की वस्तुओं को हटाने के लिए पंखे युक्त विनोइंग

और छोटे आकार की वस्तुओं को अलग करने के लिए दोलन करने वाली चालनी युक्त शिफ्टिंग का प्रयोग किया जाता है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/cleaning
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http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/cleaning
20
Sep

चालन/शिफ्टिंग

1. खरपतवार के बीज जैसे छोटे पदार्थ, मिट्टी के कण और कंकड़ों को छोटे आकार

की चालनी (1.4 मिमि या उससे कम आकार के छिद्रों वाली) से अनाज चालकर निकाला जा सकता है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/cleaning
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http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/cleaning
20
Sep

अनाज ओसाने के सही तरीके/अनुशंसित विधियां

अनाज ओसाने के सही तरीके/अनुशंसित विधियां : 

1.विनोइंग ट्रे (सूप) पर अनाज रखें।

2. जमीन पर चटाई बिछाएं।

3. सूप को हवा की ओर झुकाएं। एक मी की ऊंचाई से धीरे-धीरे अनाज नीचे गिराएं।

4. हवा के द्वारा हल्की चीजें अनाज के भारी दानों से अलग कर दी जाएंगी।

5. केवल वजनदार दानों को अलग करें। जरूरत हो तो इस प्रक्रिया को फिर से दुहराएं। 

6. यदि हवा की गति पर्याप्त न हो तो पंखे या ब्लोअर का सहारा लें।

 

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/cleaning
20
Sep

अनाज ओसाने की प्रक्रिया

1. डंठलों की भूसी से धान के दानों को अलग करने की विधि अनाज

का ओसाना (विनोइंग) कहलाती है। 

2. अनाज को ओसाने के लिए श्रमिक धान के दानों को सूप में फटकारते हैं। भारी दाने सूप में वापस आते हैं और भूसी आदि उड़ जाती हैं।

3. धान को ओसाने के दौरान अपूर्ण दाने, भूसे, खरपतवार के बीज और तिनके हवा के प्रवाह से हटाए जा सकते हैं।

 

 

 

 

 

 

File Courtesy: 
http://www.kidcyber.com.au/topics/tripIndrice.htm
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http://www.kidcyber.com.au/topics/tripIndrice.htm
20
Sep

दानों की सफाई

1. सफाई, चालन, हाथ से बिनाई, एस्पिरेशन या अन्य यांत्रिक तरीकों द्वारा

विजातीय और बेमेल पदार्थों का अनाज से हटाया जाना अनाज की सफाई कहलाता है।

2.उपज की गुणवत्ता को बनाए रखना आवश्यक है।

3. साफ अनाज का मूल्य डंठल, भूसी, खरपतवार के बीज, मिट्टी, कचड़े और अन्य पदार्थों से युक्त गंदे अनाज की तुलना में अधिक होता है। 

 

File Courtesy: 
http://www.kidcyber.com.au/topics/tripIndrice.htm
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IRRI
20
Sep

धान का भंडारण

1. बीज के लिए धान के भंडारण के लिए निम्न तापमान और निम्न आर्द्रता आवश्यक है।

2. 10-14% आर्द्रता वाले धान के बीज 18°C पर दो वर्षों तक अच्छी दशा में भंडारित किए जा सकते हैं।

File Courtesy: 
TNRRI,अदुथुरई
20
Sep

चावल की ग्रेडिंग

1. दानों की ग्रेडिंग उनकी साइज, आकारऔर रंग के लिए की जाती है। प्रभावी सफाई और ग्रेडिंग के लिए सीड क्लीनर कम ग्रेडर भी उपलब्ध हैं।

File Courtesy: 
TNRRI, Aduthurai
20
Sep

चावल को ओसाने और साफ करने की प्रक्रिया

1.विजातीय दानों और कचड़ों जैसी अशुद्धियों की उपस्थिति के कारण अनाज का भंडारण सही से नहीं हो पाता और मिलिंग रिकवरी रेट में कमी आती है।

2. सफाई प्रायः हैंड विनोअर द्वारा की जाती है जिसमें अनाज की सफाई के लिए बहती हवा का सहारा लिया जाता है।

3. कम्बाइन हार्वेस्टर एक बहुपयोगी मशीन है जो फसल की कटाई, थ्रेशिंग, ओसवनी और अनाज की सफाई के सारे कार्य एक साथ करती है। यह बहुत लाभदायक और किफायती है।  TNAU विनोअर (अनाज ओसाने का यंत्र) की कीमत 400 रु. है और यह 90% दक्षता के साथ काम करता है।

 

 

 

File Courtesy: 
TNRRI, Aduthurai
20
Sep

अच्छे कम्बाइन हार्वेस्टिंग के लिए दिशानिर्देश/अनुशंसित तरीके

अच्छे कम्बाइन हार्वेस्टिंग के लिए दिशानिर्देश/अनुशंसित तरीके :

1. अन्य कटाई विधियों की तुलना में कम्बाइन हार्वेस्टिंग में फसल को अधिक ऊंचाई से काटा जाता है।

2. कम्बाइन हार्वेस्टिंग से फसल की तैयारी में समय अंतराल कम होता है: अधिक पहले हार्वेस्टिंग से ................

3. दानों का प्रतिशत और अधिक विलंब से की गई कटाई के कारण दानों के अधिक झड़ने की समस्या आती है।

4.थ्रेशर की गति को बहुत अधिक रखने या बहुत कम रखने से लाभशीलता में कमी आती है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/combine-harvesting
20
Sep

कम्बाइन हार्वेस्टिंग

1.कम्बाइन हार्वेस्टर द्वारा फसल काटने, उनका संचालन, थ्रेशिंग और

सफाई जैसे कार्य एक साथ किए जा सकते हैं।  

2. धान का  कम्बाइन हार्वेस्टर प्रति दिन 10 एकड़ खेत की फसल तैयार कर सकता है और इसे 30 सेंट तक के क्षेत्रफल वाले खेतों में चालाया जा सकता है।

3. इस मशीन के संचालन में एक ड्राइवर और एक सहायक की आवश्यकता होती है।

4. अनाज की कोई बरबादी नहीं होती और इसके परिचालन पर उतनी ही लागत आती है जितनी इन कार्य में कुल मजदूरी के भुगतान पर व्यय करना होता है।  

File Courtesy: 
http://aaqua.persistent.co.in/aaqua/forum/viewthread?thread=17840
20
Sep

मशीन थ्रेशिंग के लिए दिशानिर्देश

 बेहतर मशीन थ्रेशिंग के लिए दिशानिर्देश/अनुशंसित तरीके:

1. फसल की कटाई कब करें: ऐक्सिअल-फ्लो थ्रेशर जो खास कर चावल की तैयारी के लिए डिजायन किया गया है बहुत गीली फसल के साथ भी काम कर सकता है। इसलिए धान की तैयारी फसल के पूरी तरह परिपक्व हो जाने पर करें ताकि उपज अधिकतम मिले और हानि कम से कम हो।

2. थ्रेशिंग का समय: आदर्श रूप से मशीन से थ्रेशिंग फसल कटाई के तुरंत बाद शुरू कर दिया जा चाहिए और प्रायः यह काम खेत में ही किया जा सकता है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/threshing/machine-threshing/guidelines-for-machine-threshing
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http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/threshing/machine-threshing/guidelines-for-machine-threshing
20
Sep

मशीन से थ्रेशिंग

1. मैनुअल थ्रेशिंग में मानव श्रम की अधिकता के कारण बहुत से देशों

में धान की तैयारी अब छोटे एक जगह पर स्थिर मशीन थ्रेशर के जरिए यांत्रिक रूप से की जाती है। स्थिर मशीन थ्रेशर से धान की तैयारी खेत में या खेत के समीप की जाती है।

2. धान के कई स्थिर (स्टेशनरी) थ्रेशर में पेग टूथ वाले थ्रेशिंग ड्रम होते हैं, हालांकि वायर-लूप या रैस्प-बार वाले थ्रेशर का भी प्रचलन है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/threshing/machine-threshing
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http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/threshing/machine-threshing
20
Sep

अच्छे मैनुअल थ्रेशिंग के लिए दिशानिर्देश/अनुशंसित विधि

1. हाथ से तैयार की जाने वाली फसलों के लिए जरूरी है कि दो- एक दिन उन्हें खेत में सूखने छोड़ा जाए ताकि उनमें नमी की मात्रा कम हो जाए और थ्रेशिंग आसान हो।

2. हाथ से थ्रेश की जाने वाली फसलों के अधिकतम उत्पादन के लिए धूप से सुखाए गए दानों में नमी की मात्रा 18-20% होनी चाहिए। ध्यान रहे कि फसल जरूरत से ज्यादा न सूखे क्योंकि तब यदि फसल की ढुलाई की जाती है तो दानों के झड़ने की समस्या होगी। 

3.थ्रेशिंग से पहले यदि फसल को सुखाया गया है तो ध्यान रहे कि वे दुबारा भींगने न पाएं क्योंकि इससे मिल में चावल तैयारी के दौरान दानों के टूटने की समस्या आती है।

File Courtesy: 
http://www.ctu.edu.vn/institutes/mdi/extension/iot/riceproduct/ppfm/ppfm_ehelp.htm#Harvesting/Harvesting_lesson06.htm
20
Sep

मैनुअल थ्रेशिंग

1.थ्रेशिंग की सामान्य विधि में अनाज को बालियों से अलग करने के लिए आघात का सहारा लिया जाता है। इसके लिए हाथ से पीटकर, रौंदकर या बालियों को स्पाइक या रैस्प बार वाले घूमते हुए ड्रम में रखकर अनाज तैयार किया जाता है।   

File Courtesy: 
http://www.ctu.edu.vn/institutes/mdi/extension/iot/riceproduct/ppfm/ppfm_ehelp.htm#Harvesting/Harvesting_lesson06.htm
Image Courtesy: 
http://www.ctu.edu.vn/institutes/mdi/extension/iot/riceproduct/ppfm/ppfm_ehelp.htm#Harvesting/Harvesting_lesson06.htm
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