Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

Production Know How

Production Know How
21
Sep

स्टेम बोरर के लिए प्रतिरोधी प्रकार, स्टेम बोरर का प्रबन्धन

रत्ना, सास्याश्री और विकास

स्टेम बोरर का प्रबन्धन

1. राइस बोरर प्रबन्धन में शामिल हैं कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट, केमिकल बायोलॉजिकल और केमिकल विधि।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

स्टेम बोरर द्वारा होने वाली क्षति की प्रकृति

1. बोरर का लार्वा टिलर में प्रवेश कर खाता है, वृद्धि करता है और इसके कारण फसल के चरण के आधार पर ‘मृत बीज के दाने’ अथवा ‘सफेद बाली’ का लक्षण प्रकट होता है। 

2. टिलरिंग के चरण में, कीटों द्वारा पौधों को बार-बार खाने के परिणामस्वरूप पौधों के आधार से शीर्ष के भाग कट कर अलग हो जाते हैं।  

3. पत्ते का केन्द्रीय छल्ला नहीं मुड़ता, भूरे रंगा का हो जाता है और सूख जाता है जबकि नीचे के पत्ते हरे और स्वस्थ्य रहते हैं। यह स्थिति ‘मृत बीज दाना’ कहलाता है। प्रभावित टिलर  में पुष्प-गुच्छ लगने से पहले यह सूख जाता है। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
21
Sep

स्टेम बोरर का विस्तार क्षेत्र (होस्ट रेंज)

1. आन्ध्र प्रदेश, आसाम, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश और प. बंगाल।

File Courtesy: 
http://www.ncipm.org.in/agroweb/index.aspx
Image Courtesy: 
फील्ड रेकनर
21
Sep

स्टेम बोरर का जीवनचक्र

•चिलो एसपी (Chilo sp.) के अंडे अतिच्छादित पंक्तियों या

गुच्छों में होते हैं और असुरक्षित रहते हैं।  

•सिसेमिया एसपी. (Sesamia sp.) के अंडे पत्ते के आवरण के आंतरिक भागों में पाए जाते हैं।  

•अंडे का समय 5-9 दिनों तक चलता है।  

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
Image Courtesy: 
फील्ड रेकनर
21
Sep

स्टेम बोरर का विनाशक व्यवहार

•वयस्क स्टेम बोरर कीट अत्यधिक फोटोटैक्टिक होते हैं और विशेषकर पराबैंगनी प्रकाश पर आकर्षित होते हैं।  

•वे लाइट ट्रैप में आसानी से एकत्रित किए जा सकते हैं।  

•वयस्क कीट सूर्यास्त के बाद संभोग करते हैं और अंडे देते हैं। 

•पौधों के पुराने और चौड़े पत्ते सिर्पोफेगा एसपी ( Scirpophaga sp.) कीटों द्वारा ओवीपोज़िशन के लिए पसंद किए जाते हैं।   

•कीट सक्रिय टिलरिंग स्टेज के पौधे और फूल लगने से पहले के पौधों पर अंडे देना पसन्द करते हैं।  

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
21
Sep

स्टेम बोरर की जैवपारिस्थितिकी (Bioecology of Stem Borers)

अनुकूल कारक: 

•कीट सक्रिय टिलरिंग स्टेज के पौधे और फूल लगने से पहले के पौधों पर अंडे देना पसन्द करते हैं।  

•अंडे देने के लिए आदर्श तापमान है 28-290C और सापेक्षिक आर्द्रता 60% होती है।  

•S. incertulas तथा S. innotata पत्तों के आवरण पर गुच्छों में अण्डे देते हैं तथा अंडे नमदा जैसे बालों और शल्कों से ढके रहते हैं। 

•कल्चरल घटक जैसे प्रजाति, मिट्टी का pH, ऊर्वरक अनुप्रयोग और यहां तक कि चावल के फसल की पोषकीय स्थिति स्टेम बोरर की घटना की दर को प्रभावित करता है। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
21
Sep

राइस स्टेम बोरर का फैलाव

1. राइस स्टेम बोरर कीटों का एक समूह है जो चावल की फसल को भारी क्षति पहुंचाता है।  

2. संपूर्ण भारत में स्टेम बोरर की पांच प्रजातियों का फैलाव है। उनमें, पीले रंग के स्टेम बोरर (YSB), सिर्पोफेगा इंसर्ट्युलस  Wlk (Scirpophaga incertulas Wlk.) सबसे अधिक व्यापक, प्रबल और विनाशकारी है।  

File Courtesy: 
फील्ड रेडी रेकनर
21
Sep

राइस स्टेम बोरर का वर्गीकरण (Scirpophaga incertulas)

वर्ग        :  इनसेक्टा                          

क्रम        :  लेपिडोप्टेरा          

सुपरफैमिली  :  पायरालोइडिया

फैमिलीज़    :  पायरालिडी (Pyralidae)       

स्पीसीज़     :   इंसर्ट्युलस (Incertulas)

 

File Courtesy: 
http://en.wikipedia.org/wiki/Pyraloidea
21
Sep

प्राकृतिक महत्व के कीट

1. स्टेम बोरर 

2. गॉल मिज

3. ग्रीन लीफहोपर

4. प्लांट होपर

5. लीफ फोल्डर

6. गन्धी बग

 

File Courtesy: 
फील्ड रेकनर (क्षेत्र संगणक)
20
Sep

ड्राइंग ओवन विधि द्वारा नमी की मात्रा की जांच

दाने के नमूने को दो घंटे तक 130 डिग्री से. पर सुखाया गया। नमी की जांच के लिए किए जाने वाले कार्य: 

1. खाली बरतन की उसके ढक्कन के साथ वजन करें।

2. अनाज के दिए गए नमूने को एक छोटे चम्मच से अच्छी तरह चलाना चाहिए और इस नमूने के दो भागों को सीधे बरतन में तौलना चाहिए।  

3. अनाज के दानों को बरतन के पेन्दी में समान रूप से फैला देना चाहिए।

4. वजन लेने के बाद बरतन के ढक्कन को हटा दें और खुले बरतन को ओवन में रखें जो पहले से ही सुखाने के अनुशंसित तापमान तक गर्म हो।

5. सुखाने की अवधि के अंत में बरतन को उसके ढक्कन से ढक देना चाहिए।

File Courtesy: 
DRR ट्रेनिंग मैनुअल
20
Sep

अनाज में मौजूद नमी की मात्रा का निर्धारण

1. ISTA नियमों के अनुसार, दाने के नमूने में मौजूद नमी की मात्रा वह क्षति है जो अनाज से सूखने के बाद देखने को मिलती है। इसे मूल नमूने के वजन के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है। नमी की जांच की विभिन्न विधियां हैं, जैसे- ओवन विधि, यूनिवर्सल OSAW मीटर विधि, इलेक्ट्रॉनिक मीटर विधि आदि।

File Courtesy: 
DRR मैनुअल
20
Sep

थ्रेशिंग के दौरान हुई क्षति का मूल्यांकन

1. थ्रेशर के भूसा निकलने वाले रास्ते पर एक बड़ा सा जाल लगा दें जिसमें सभी भूसे जमा होंगे। कुछ देर तक थ्रेशिंग के बाद निकले हुए सारे पदार्थों की जांच करें और हाथ से सभी पके दानों को बालियों में से अलग कर लें।

2. यदि खेत का क्षेत्रफल मालूम हो तो ब्लोअर लॉस को किग्रा/हे. के रूप में व्यक्त किया जा सकता है या थ्रेशर का संवेश-प्रवाह ज्ञात होने की स्थिति में इसे थ्रेशर से तैयार अनाज के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 

3.समान आर्द्रता, आमतौर पर 14% के आधार पर सभी क्षति की रिपोर्ट करनी चाहिए।

 

 

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

बिखरकर हुई क्षति का मूल्यांकन

1.थ्रेशर या क्लीनर को बड़े से प्लास्टिक ट्रैप पर रखें। थ्रेशिंग और सफाई के बाद मशीन को आराम से हटाएं और ट्रैप में एकत्र सभी अनाज को जमा करें।   

2. यदि खेत का क्षेत्रफल मालूम हो तो ब्लोअर लॉस को किग्रा/हे. के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 

3.  थ्रेशर का संवेश-प्रवाह ज्ञात होने की स्थिति में इसे थ्रेशर से तैयार अनाज के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया ।          

4. समान आर्द्रता, आमतौर पर 14% के आधार पर सभी क्षति की रिपोर्ट करनी चाहिए।

 

 

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

ब्लोअर या क्लीनर लॉस असेसमेंट

1.थ्रेशिंग या सफाई के दौरान ब्लोअर इग्जॉस्ट पर जाल लपेटें जिसमें सभी भूसे, तिनके और दानें जमा हो जाएंगे लेकिन उनसे हवा के प्रवाह को बाधा नहीं पहुंचेगी। 

2. सामग्री की सफाई कर अनाज एकत्र करें और उन्हें सुखाकर आर्द्रता को 14% कर लें।  यदि खेत का क्षेत्रफल मालूम हो तो ब्लोअर लॉस को किग्रा/हे. के रूप में व्यक्त किया जा सकता है या थ्रेशर का संवेश-प्रवाह ज्ञात होने की स्थिति में इसे थ्रेशर से तैयार अनाज के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 

3.समान आर्द्रता, आमतौर पर 14% के आधार पर सभी क्षति की रिपोर्ट करनी चाहिए।  

 

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

परिचालन के कारण चावल की क्षति

1. परिचालन क्षति = अनाज को उठाने, उसकी ढुलाई, ढेरीकरण, अनाज के उड़ेलने और बोराबंदी के दौरान धान के दानों की क्षति।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

फसल और आनज के परिचालन के दौरान होने वाली क्षति

1. फसल और आनज के परिचालन के दौरान होने वाली क्षति में शामिल हैं ब्लोअर या क्लीनर लॉस असेसमेंट, स्कैटर लॉस असेसमेंट, थ्रेशिंग लॉस असेसमेंट, अनाज में मौजूद आर्द्रता का निर्धारण।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in- harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

थ्रेशिंग के दौरान अनाज के डंठलों से अलग न हो सकने वाले दानें या थ्रेशिंग की क्षति

1.थ्रेशिंग के दौरान अनाज के डंठलों से अलग न हो सकने वाले दानें या थ्रेशिंग लॉस = थ्रेशिंग के दौरान अनाज के डंठलों से अलग न हो सकने वाले दानें। थ्रेशिंग की उच्च दक्षता से थ्रेशिन्ग लॉस कम होता है और थ्रेशिंग लॉस कम हो तो थ्रेशिंग की दक्षता उच्च मानी जाती है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in -harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

थ्रेशिंग और अनाज की सफाई के दौरान बिखराव के कारण होने वाली क्षति

बिखराव के कारण क्षति = थ्रेशिंग और अनाज की सफाई के दौरान जमीन पर बिखरने वाले अनाज के दानें।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

थ्रेशिंग और सफाई के दौरान लूज डंठलों/भूसों की क्षति या ब्लोअर क्षति

1. लूज डंठलों/भूसों की क्षति या “ब्लोअर क्षति” = सफाई के दौरान अनाज के डंठल और भूसे के साथ मिले हुए परिपक्व दानें।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in-harvesting/harvesting-loss-assessment
20
Sep

थ्रेशिंग और अनाज की सफाई के दौरान क्षति

1. थ्रेशिंग और अनाज की सफाई के दौरान क्षति में शामिल हैं लूज डंठलों/भूसों की क्षति या ब्लोअर क्षति, बिखराव के कारण क्षति और अनाज के डंठल से अलग नहीं होने के कारण अर्थात थ्रेशिंग क्षति।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/measurements-in- harvesting/harvesting-loss-assessment
Syndicate content
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies