Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

Drying

Drying
3
Sep

Reporting रिपोर्टिंग

रिपोर्टिंग :
ड्रायर के निष्पादन को निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित आंकड़ॆ की गणना करें:
1. सुखाने से पहले और बाद की आर्द्रता का औसत और आदर्श विचलन।

2. धान के वजन में कुल कमी

3. सुखाने की दर (%/घंटा)

4. टूटे दानों में वृद्धि (सुखाने से पहले टूटे दानों का प्रतिशत-सुखाने के बाद टूटे दानों का प्रतिशत)

5. विदरण युक्त दानें में वृद्धि ( सुखाने से पहले विदरण युक्त दानों का प्रतिशत-सुखाने के बाद विदरण युक्त दानों का प्रतिशत)

6. विद्युत ऊर्जा की खपत/इन्धन की खपत

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Laboratory analysis of the pre-dried and post-dried sample सुखाने से पहले और बाद के अनाज के नमूने का प्रयोगशाला परीक्षण

प्रयोगशाला परीक्षण :

1. सुखाने से पहले और बाद के अनाज के नमूने का एक मिलिंग विश्लेषण करें जिसमें कम से कम विदरण की पहचान, मिलिंग की उपज, हेड राइस रिकवरी और दानों का बदरंग होना शामिल होना चाहिए।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Drying test ड्रायिंग टैस्ट

ड्रायिंग टैस्ट :

1. किसी ज्ञात श्रोत से धान एकत्र करना चाहिए जिसकी आर्द्रता की मात्रा उस इलाके में कटाई किए गए अनाज की सामान्य मात्रा के अनुरूप हो।
2. धान में से भूसे जैसी अशुद्धियां हटा देनी चाहिए।

2. ड्रायर में अनाज डालने से पूर्व धान को मिला लेना चाहिए और आर्द्रत की असामनता के निर्धारण के लिए 10-10 ग्राम के कम से कम उसके 10 नमूने लेने चाहिए।

3. इसके आलावा 500 ग्राम के नम धान का एक नमूना प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रखना चाहिए। यदि संभव हो तो मशीन में अनाज डालने से पहले संपूर्ण अनाज का वजन ज्ञात कर लेना चाहिए।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Evaluation of grain dryers अनाज सुखाने के ड्रायर का मूल्यांकन

1. अनाज सुखाने के ड्रायर की खरीद या उसे काम में लगाने के बाद उसके निष्पादन का मूल्यांकन करना आवश्यक है।

2. इसके लिए आमतौर पर एक ड्रायिंग टैस्ट किया जाता है।

3. ड्रायिंग टैस्ट महत्वपूर्ण होता है क्योंकि व्यावहारिक निष्पादन के आंकड़े प्रायः निर्माता द्वारा दिए गए निष्पादन के रेटेड आंकड़ों से भिन्न होते हैं।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Troubleshooting समस्यानिवारण

1. ड्रायिंग सिस्टम अनाज की क्वालिटी को केवल कायम रख सकता है, क्वालिटी को बढ़ा नहीं सकता।

2. यदि ड्रायर खराब क्वालिटी का अनाज दे तब यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि ड्रायर के अनाज की तुलना उसी बैच के नमूने उस से किया जाए जिसे नियंत्रित परिस्थितियों के तहत सुखाया गया था, जैसे- वातानुकूलित कमरा या छाया में पतली परत बिछाकर सुखाया जाना।

3. अन्यथा यह कहना मुश्किल होगा कि खराब क्वालिटी का कारण सुखाने से पूर्व (उदा. के लिए खेत में सुखाने के दौरान) की खराब गुणवत्ता है या फिर इसका कारण सुखाने की प्रणाली का दोष है।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/index.php/examples-of-dryers/troubleshooting
3
Sep

Conclusions for Economic Feasibility Studies आर्थिक व्यवहार्यत के अध्ययनों के लिए निष्कर्ष

अंतिम दो सेक्शनों की बातों को ध्यान में रखकर यांत्रिक ड्रायरों के आर्थिक विश्लेषण के लिए निम्नलिखित अनुशंसाएं की जा सकती हैं:

1. फसल की सुरक्षा के लिए ड्रायर में निवेश।

2. समस्या यह है कि इस स्थिति में प्रति बैच ड्रायिंग लागत के अचर कारक (अवमूल्यन) बहुत अधिक है क्योंकि ड्रायर का इस्तेमाल केवल आपात स्थितियों में, अर्थात साल में केवल कुछ ही बार किया जाता है।

3. आपात स्थितियों में प्रयुक्त होने वाला ड्रायर आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं हो सकता।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Cost of drying सुखाने की लागत

1. एशियायी देशों में किए गए केस स्टडी से यह पता चलता है कि मेकैनिकल ड्रायर से सुखाने में यदि धान के मूल्य से 5% अधिक लागत आए तो इसका सफल प्रचलन नहीं हो सकता।

2. यहां विभिन्न ड्रायिंग सिस्टमों की लागत संख्या देने का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि ड्रायिंग की लागत साइट आधारित बहुत सारे कारकों और “बिजनस प्लान” पर निर्भर करती है साथ ही प्रत्येक ड्रायिंग सिस्टम के लिए उसके इस्तेमाल के स्थान की परिस्थितियों को ध्यान मे रखकर उसके लागत-लाभ की गणना करने की जरूरत होती है।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Weight loss in drying सुखाने के दौरान वजन में कमी

सुखाने के दौरान वजन में कमी :

1. सुखाने के दौरान अनाज से जल का क्षरण होता है।

2. इसका अर्थ है कि सुखाने के बाद धान का वजन कम हो जाता है और सूखे धान की बिक्री करनी पड़ती है क्योंकि ज्यादातर बाजारों में धान वजन के आधार पर खरीदे-बेचे जाते हैं।

3.ऐसे बाजारों में, जहां धान अब भी परिमाण के आधार पर खरीदे-बेचे जाते हैं वहां भी यह असर देखने को मिलता है क्योंकि सुखाने के दौरान धान के दाने सिकुड़ भी जाते हैं।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Potential Economic Benefits from Drying अनाज सुखाने के महत्वपूर्ण आर्थिक फायदे

प्रचलित स्थिति और कटाई के बाद की व्यवस्था के आधार पर मशीनी ड्रायरों के इस्तेमाल से निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं:

आर्थिक लाभ के लिए पूर्वशर्तें हैं:
1. उच्च क्वालिटी के धान की बाजार कीमतों में इजाफा

2. विभिन्न गुणवत्ता स्तरों के लिए मूल्य का मौजूदा और महत्वपूर्ण अंतर ड्रायिंग की लागत और ड्रायिंग के दौरान अनाज के वजन में होने वाली कमी की भरपाई करे।

3. बाजार तक पहुंच: बाजार में क्वालिटी का थोड़ा अंतर। स्टैंडर्ड को थोड़ा कायम रखना।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Economic aspects of drying अनाज सुखाने के आर्थिक पहलू

अनाज सुखाने के आर्थिक पहलू :

1. यंत्रीकृत ड्रायिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना धूप में अनाज सुखाने की तुलना में कई तरह से फायदेमंद होता है, जैसे- धान की क्वालिटी को कायम रखना, वर्षा और रात के समय सुरक्षित शुष्कन, सुखाने की अधिक क्षमता, शुष्कन के विभिन्न प्रचलों पर आसान नियंत्रण और मजदूरी खर्च में बचत।

2. अनेक ड्रायिंग सिस्टम से लोगों को परिचित कराने में असफल रहने के कारण ।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Two stage drying दो चरणों में सुखाना

फसल कटाई के तुरंत बाद अस्थायी भंडारण के लिए आवश्यक आर्द्रता के सुरक्षित स्तर तक अनाज को सुखाने के लिए दो चरणों वाली शुष्कन व्यवस्था या मिश्रित शुष्कन व्यवस्था विकसित की गई।

1. पहले चरण के सामान्य ड्रायर में यह फायदा होता है कि अधिक आर्द्रता वाले धान की पृष्ठ आर्द्रता को बिना दाने को कोई नुकसान पहुंचाए तुरंत सुखाया जा सकता है जिसके लिए थोड़े समय तक उच्च तापमान उत्पन्न किया जाता है।
2. पहले चरण के ड्रायर में सुखाने वाली हवा का तापमान फ्लुडाइज्ड बेड ड्रायर में 100ºC से ऊपर तक पहुंच सकता है जहां अनाज सुखाने वाली हवा में कुछ ही मिनटों तक रहता है।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Centralized drying सुखाने की केन्द्रीकृत व्यवस्था

सुखाने की केन्द्रीकृत व्यवस्था :
1. अनाज सुखाना तब ज्यादा किफायती हो जाता है जब सामूहिक रूप से किसी एक स्थान पर कई किसानों के एकत्र अनाज को सुखाया जाए।

2. सुखाने का यह केन्द्रीकृत कार्य ग्राम स्तर पर किसानों के सहकारी समूह द्वारा या ठेके पर किसी स्थानीय चावल मिल या भंडारण स्थल पर करवाया जा सकता है।

3. केन्द्रीकृत ड्रायर के मालिक की अच्छे बाजार तक पहुंच किसानों के तुलना में अधिक होती है या अगर ड्रायर मिल में लगा हो तो किसानों की तुलना में उन्हें सीधे अच्छी क्वालिटी के सूखे अनाज से बड़ा फायदा होता है। ।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

De-centralized On-farm drying विकेन्द्रीकृत ऑन-फॉर्म ड्रायिंग

विकेन्द्रीकृत ऑन-फॉर्म ड्रायिंग :

1. आदर्श रूप से धान कटाई के बाद तुरंत खेत में सुखाना पड़ता है जो कि मुख्यतः धूप की मदद से होता है।

2. यदि निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें तो अच्छी क्वालिटी के चावल के उत्पादन के लिए और मौसम संबंधी जोखिमों से बचने के लिए खेत में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रायरों का उपयोग करना अच्छा रहता है:

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Drying strategies सुखाने की रणनीति

1. धान को जितना जल्दी हो सके सुखाना चाहिए लेकिन चावल के उत्पादन के बाद की प्रक्रियाओं और आर्थिक मुद्दों को ध्यान में रखकर सुखाने की रणनीति बनानी चाहिए।

2. विकल्पों में शामिल हैं विकेन्द्रीकृत ऑन-फॉर्म ड्रायिंग, एकत्रण विन्दु पर केन्द्रीकृत ड्रायिंग और दो चरणों की ड्रायिंग जिसे कॉम्बिनेशन ड्रायिंग कहा जाता है।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Dust collection system धूल एकत्रण प्रणाली

धूल एकत्रण प्रणाली :

1. अनाज के संचालन के दौरान धूल उत्पन्न होता है और ड्रायर के आसपास काम करना हानिकारक होता है।
2. ड्रायर के पास एक कुशल धूल एकत्रण प्रणाली होनी चाहिए ताकि ड्रायर के आसपास के धूलगर्द को हटाया जा सके।

3. दानों से धूल जमा करने की पारंपरिक प्रणाली साइक्लोन है।

4. ड्रायर की विशेषताओं के अनुरूप अन्य एसेसरीज के साथ पंखा और साइक्लोन भी सही साइज का होना चाहिए।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
Image Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Conveyors and Elevators कनवेयर और एलिवेटर

कनवेयर और एलिवेटर :

1. अनाज के ऊर्ध्व और क्षैतिज परिचालन, संचरण या निर्गमन के लिए कनवेयर और एलिवेटर का प्रयोग शुष्कन की प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाता है और मजदूरी व्यय को कम करता है।

2. एलिवेटर सही साइज का होना चाहिए ताकि वह ड्रायर की क्षमता के अनुरूप हो।

3. रि-सर्कुलेटिंग बैच ड्रायर के लिए अच्छी तरह डिजायन किया हुआ बकेट एलिवेटर ड्रायर की क्षमता को 10टन/घंटा तक बढ़ा सकता है।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
Image Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Moisture meter आर्द्रतामापी

आर्द्रतामापी:

1. अच्छी तरह अनाज सुखाने के लिए दानों में आर्द्रता की मात्रा पर ध्यान रखना जरूरी होता है ताकि अनाज न जरूरत से ज्यादा सूखे और न ही जरूरत से कम।

2. ज्यादा सूखने से आर्थिक नुकसान होता है क्योंकि बेचने पर अनाज का वजन कम होता है और मिलिंग के दौरान चावल टूटते हैं।

3. अपर्याप्त सूखने से कवकीय वृद्धि, कीटों और दानों के श्वसन के कारण क्वलिटी और परिमाण- दोनों में गिरावट आती है।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
Image Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Paddy Pre-cleaner पैडी प्री-क्लीनर

1. पैडी प्री-क्लीनर: यह ड्रायर में अनाज के लोड करने और ड्रायिंग की प्रक्रिया के दौरान धूल-गर्द को रोकता है और अनाज में हवा के प्रवाह को कम करता है।

2. अनेक ड्रायिंग सिस्टम में प्री-क्लीनर अनिवार्य होता है।

3. प्री-क्लीनर में आमतौर पर एक स्कैल्पर होता है जिससे होकर दाने तो निकल जाते हैं लेकिन भूसे नहीं निकलते, साथ ही एक छोटे आकार की दूसरी चालनी होती है जो कंकड़ तथा अन्य अशुद्धियों को दूर करती है।

4. एक एयर रेस्पिरेटर होता है जो धूल तथा हल्के रिक्त दानों को चूस लेता है।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
Image Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Accessories for Grain Dryers ग्रेन ड्रायर के एसेसरीज

ग्रेन ड्रायर के एसेसरीज हैं पैडी प्री-क्लीनर, आर्द्रतामापी, कनवेयर और एलिवेटर, डस्ट क्लेक्शन सिस्टम।

File Courtesy: 
http://www.riceindia.net/RKBank/Training_Manual_Paddy_Drying.pdf
3
Sep

Safety considerations for Solar drying सोलर ड्रायिंग के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा

बर्नर के सुरक्षित परिचालन के लिए ड्रायर में होने चाहिए:

1. एक ज्वला नियंत्रक, जो स्फुलिंग नहीं होने पर इन्धन के प्रवाह को बन्द कर दे (रि-सर्कुलेटिंग बैच ड्रायर में स्वचालित बर्नर)।

2. ग्रेविटी-फेड पॉट-टाइप बर्नर में एक सुरक्षा उपकरण जो पावर के अचानक बन्द हो जाने पर पंखे के रुकने की स्थिति में इन्धन के प्रवाह को रोक दे।

3. ओवरहीटिंग से बचाने के लिए हाई टेम्प्रेचर लिमिट स्विच या ताप नियंत्रक।

4. सभी विद्युतीय पुर्जों की सही इलेक्ट्रिकल वायरिंग।

5. ड्रायर के आसपास कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जमा न हो इसके लिए प्रेसर सिस्टम में उचित वेंटिलेशन होना चाहिए।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/rkb/ index.php/safety
Syndicate content
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies