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Growth & Development

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14
Sep

ट्रैक लेइंग ट्रैक्टर

1. एग्रीकल्चरल ट्रैक लेयर्स जिसे कभी-कभी चेन ट्रैक्टर या क्रॉलर भी कहा जाता है,15 KW से लेकर 250 KW तक के होते हैं।

2. ट्रैक रबड के या इस्पात के होते हैं और इनकी चौड़ाई इनके काम के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती हैं। कृषि कार्यों में भार का वितरण औद्योगिक कार्यों से भिन्न होता है।

3. क्योंकि इन ट्रैक्टरों के पीछे भार डाला जाता है इसलिए इस हेतु भार का वितरण 4-ह्वील ड्राइव ट्रैक्टरों के समान होने चाहिए।

4. ये ट्रैक्टर अपने इंजन की शक्ति का 60-65% अपने ड्रॉबार पर उपलब्ध कराते हैं और प्लावन की स्थिति में ये सबसे उपयुक्त होते हैं।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/landprep/index.php/types-of-farm-power-mainmenu-118/the-use-of-track-laying-tracto rs-mainmenu-123
14
Sep

खेती के साधन के रूप में 4 पहियों वाला ट्रैक्टर

1. इस प्रकार के ट्रैक्टर का शक्ति-भार अनुपात बड़ा होता है और यह ड्रॉबार पर 55-60% की शक्ति उत्पन्न कर सकता है।

2. बड़े आकार, मुड़ने के लिए लंबी त्रिज्या और ऊंची कीमत के कारण इनमें से बहुत कम ट्रैक्टरों का इस्तेमाल चावल की खेती में किया जाता है।

File Courtesy: 
RARS, करजत
14
Sep

2 पहियों वाले ट्रैक्टर की खामियां

2 पहियों वाले ट्रैक्टर की खामियां :

1. इसकी महंगी कीमत और इसका परिचालन व्यय।

2. चलाने में थकावट, यद्यपि इसका वह वर्जन भी उपलब्ध है जिसमें चालक इसपर सवार हो सकता है।

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RARS, करजत
14
Sep

2 पहियों वाले ट्रैक्टर की खूबियां

2 पहियों वाले ट्रैक्टर की खूबियां:

1. बहूपयोगी वाहन।

2. मनुष्य और पशुओं की तुलना में अधिक मुश्किल काम कर सकने में सक्षम।

3. आर्द्र और शुष्क दोनों परिस्थितियों में उपयोगी।

4. यांत्रिक क्रियाविधि अत्यंत सरल।

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RARS, करजत
14
Sep

5. खेती के साधन के रूप में 2 पहियों वाला ट्रैक्टर

1. 2 पहियों वाला ट्रैक्टर भूमि की तैयारी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

2. इसमें शामिल हैं- जुताई, खेत का समतलीकरण, परिवहन और पानी की पम्पिंग।

3. 2 पहियों वाला ट्रैक्टर के साथ प्रयुक्त होने वाले उपकरण हैं- मोल्डबोर्ड प्लाउ, डिस्क प्लाउ, हैरो और रोटोवेटर।

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RARS, करजत
14
Sep

खेती के साधन के रूप में मानव शक्ति

1. जुताई, समतलीकरण और मेड़ एवं नाले के निर्माण, पौधे की रोपाई, कीट नियंत्रण, फसल की कटाई और परिवहन, अनाज की सफाई आदि जैसे कृषिकार्य मानव शक्ति की सहायता से किए जाते हैं।

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RARS, करजत
14
Sep

खेती के साधन के रूप में पशु

1. भूमि की तैयारी, खरपतवार प्रबंधन, फसल की थ्रेशिंग और परिवहन में पशुओं का सहारा लिया जाता है।

2. कृषि कार्यों में, खास कर भारत में, बैल और भैंस सबसे लोकप्रिय पशुधन हैं।

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RARS, करजत
14
Sep

खेत में प्रयुक्त शक्ति के साधन

खेत में प्रयुक्त शक्ति के साधन हैं:

1. पशु

2. मानव शक्ति

3. 2 पहियों वाला ट्रैक्टर

4. 4 पहियों वाला ट्रैक्टर

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RARS, करजत
14
Sep

थ्रेशिंग ड्रम

1. भारत में इस मशीन के कई मॉडल उपलब्ध हैं। इसमें मुख्य रूप से मोटी रेती या सोहान युक्त एक थ्रेशिंग ड्रम होता है।

2. द्वारा सिलिंडर की सतह का 33% हिस्सा ढका रहता है।

3. सिलिंडर के अतिरिक्त, इसमें पुआल में लिपटने से बचाने के लिए एक स्ट्रिपिंग बीटर होता है, पुआल के चलाने के लिए तीन सेक्शन स्ट्रॉ वाकर तथा सफाई की प्रणाली होती है।

4. इसकी कीमत लगभग 35,000रु. होती है। इससे प्रति घंटे 4 क्विंटल अनाज तैयार होता है।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

हाथ से चलने वाला ओसाई उपकरण

1. ओसाई के लिए उत्तर-पूर्व क्षेत्र के किसान मुख्य रूप से प्राकृतिक रूप से बहने वाली हवा पर निर्भर करते हैं इसकी प्रकृति अनिश्चित होती है।

2. धान जैसी फसलों के ओसाई का कार्य कई दिनों तक चलता है। कभी-कभी, ओसाई के लिए खेत में पड़े धान के दाने बार-बार होने वाली वर्षा के कारण सड़ जाते हैं।

3. हाथ से चलने वाली ओसाई की मशीन के उपलब्ध हो जाने के बाद किसान ओसाई के कार्य जल्दी सम्पन्न कर लेते हैं।

4. स्थानीय किसानों द्वारा ली गई मशीन की औसत उत्पादन क्षमता 2.5-3.5 क्विंटल/हे. पाई गई है।

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ICAR NEH, उमियम
14
Sep

पेडल से चलने वाला थ्रेशर

1. यह एक यांत्रिक उपकरण है जो हाथ से थ्रेशिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

इसे जापान में विकसित किया गया था और यह किसानों में बहुत लोकप्रिय हुआ।

2. इसमें एक संकेन्द्रित ड्राइव क्रियाविधि का इस्तेमाल किया जाता है जो एक सपोर्टिंग फ्रेम वाला लूप टाइप ड्रम का बना होता है।

3. ढलवां लोहे के दो गियर ट्रेडिल की गति से प्राप्त चाल को चार गुना करते हैं ताकि ड्राइव के लिए सिलिन्डर स्पीड 400आरपीएम प्राप्त की जा सके।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

थ्रेशिंग और ओसाई के उपकरण

थ्रेशिंग और ओसाई के उपकरण :

1. पेडल से चलने वाला थ्रेशर

2. हाथ से चलने वाला ओसाई उपकरण

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

वर्टिकल कनवेयर बेल्ट

1. यह मशीन फसल को काटकर सारी बालियों को एक तरफ करते हुए

उन्हें एक ओर वातायन के रूप में रखता है।

2. कटी हुई फसल को हाथ से एकत्र किया जा सकता है। यह 5एचपी के डीजल इंजन से चलती है जिसका वर्किंग विड्थ 1000मिमि होता है।

3. यह 8 घंटे में 2-2.5 हे. खेत की कटाई करती है। इसकी कीमत इंजन सहित 70,000 रु. है। शुरू में 1.2 मी. चौड़ी पट्टी हाथ से काटनी पड़ती है ताकि वहां पर मशीन मोड़ ले सके।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

कटाई उपकरण के रूप में हंसिया

1. उन्नत हंसिए में कटाई वाला सिरा सादे रूप से धार वाला होने की बजाए खांचयुक्त धार वाला होता है। खांचयुक्त धार वाले हंसिए स्वतः तीक्ष्ण होते रहते हैं, बेहतर कटाई करते हैं और इनके ब्लेड बदले जा सकने वाले होते हैं।

2. मजदूर की सुविधा के लिए इनके हत्थे हल्के होते हैं और इनकी पकड़ भी अच्छी होती है। व्यावसायिक रूप से कुछ उपलब्ध हंसिए हैं- 'MAIDC', ‘वैभव’ और ‘नवीन’।

3. पांपरिक हंसिए की तुलना में वैभव हंसिया 17% और नवीन हंसिया 20% अधिक समय की बचत करता है।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

कटाई के उपकरण

1. कटाई भी एक श्रमसाध्य क्रिया है जिसमें चावल की खेती के लिए आवश्यक कुल श्रम का 20% खर्च होता है।

2. यदि कटाई समय पर न की जाए तो इससे अनाज के उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है।

3. कटाई के उपकरण हैं: a) हंसिया b) वर्टिकल कनवेयर रीपर

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

हाइब्रिड धान के लिए रूपांतरित रो सीडर

1. रो सीडर की बनावट की निम्नलिखित विशेषताएं है: यह मशीन एक खोखले शाफ़्ट की बनी होती है जिसपर होपर के मॉड्युलर यूनिट लगे होते हैं जिस पर मीटरिंग की व्यवस्था स्थापित रहती है।

2. पूरी व्यवस्था शाफ्ट के दोनों ओर लगे दो ड्राइव ह्वील की मदद से चलती है। प्रत्येक मॉड्युलर यूनिट में एक एक बीज प्रकोष्ठ होता है\

3. ड्राइव ह्वील एक रोटर को घुमाता है जिसमें 12 सेल होते हैं। सेल के द्वारा पूर्व अंकुरित बीजों में से 2-3 बीज लिए जाते हैं।

4. सीड सेल द्वारा डेलिवरे शूट में बीज छोड़ॆ जाते हैं। डेलिवरी शूट पर लगा हुआ फरो ओपनर आगे बीज को सही स्थान पर डालने का काम करता है।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

हाथ से चलने वाला राइस ट्रांसप्लांटर

1. हाथ से चलने वाला राइस ट्रांसप्लांटर डिजायन आर्द्रभूमि में 

धान की रोपाई के लिए उपयुक्त पाई गई है।

2. इस ट्रांसप्लांटर के लिए पावर टिलर या पशुओं द्वारा खींचे जाने वाले पड्लर की मदद से अच्छी तरह तैयार कीचड़ वाले खेत चाहिए होता है ताकि बिचड़े कीचड़ में अच्छी तरह जम सके और कहीं भी रोपाई छूटे नहीं।।

3. बिचड़ों को एक खास मैट टाइप नर्सरी में तैयार किया जाना चहिए।

4. मशीन के लिए इन दो पूर्वशर्तों ने उत्तर पूर्व के किसानों में इसके व्यापक इस्तेमाल को सीमित किया है।

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ICAR NEH, उमियम
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ICAR NEH, उमियम
14
Sep

DRR रो सीडर

1. अंकुरण पूर्व बीजों को बोने के लिए सीडर में चार सछिद्र ड्रम होते हैं

जिसमें छिद्रों के बीच की दूरी 20 सेमी होती है।

2. सारे होपर खोखले वृत्ताकार पाइप पर लगे होते हैं जो फिर दो ड्राइव ह्वीलों से जुड़ा होता है जिसके दोनों ओर ढक्कन होते हैं।

3. सारी क्रियाविधि हैंडल से चालित होती है। इसमें एक सेंट्रल फ्लोट होता है जो स्थानीय समतलीकरण भी सम्पन्न करता है और 20 सेमी की दूरी पर कतारों की मेड़ पर बीजों की बुआई करता है।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

धान रोपने की सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन (चीनी डिजायन)

1. मौजूदा उपलब्ध डिजायनों में चीनी मॉडल का रोपाई यंत्र बहुत उपयोगी पाया गया है।

2. यह 8 कतारों वाला सेल्फ प्रोपेल्ड मैट टाइप रोपाई यंत्र है जो 3 एचपी के डीजल इंजन से चलता है। कतार से कतार की दूरी 23 सेमी होती है और पौधे से पौधे की दूरी 10 या 12 सेमी सेट की जा सकती है।

3. हैंडल को दक्षिणावर्त या वामावर्त घुमाकर रोपण की गहराई को बढ़ाया-घटाया जा सकता है।

4. प्रति ढेर पौधों की संख्या 3 से 8 तक हो सकती है। यह रोपण यंत्र रबड़ के टायरों वाले पहिए पर चलता है।

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
14
Sep

रोपाई और बुआई के उपकरण

रोपाई और बुआई के उपकरण:

1. धान रोपने की सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन (चीनी डिजायन)

2. DRR रो सीडर

3. हाइब्रिड धान के लिए रूपांतरित रो सीडर

4. हाथ से चलने वाला राइस ट्रांसप्लांटर

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DRR ट्रेनिंग मैनुअल
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