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Growth & Development

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14
Sep

डैपोग नर्सरी की बुआई

1. अंकुरण-पूर्व बीजों को शैय्या के ऊपर एक किग्रा प्रति वर्ग मी की दर से बोना चाहिए।

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RARS, करजत
14
Sep

डैपोग नर्सरी के लिए बीज शैय्या तैयार करना

1. नर्सरी की बीज शैय्या कंक्रीट के फर्श या पॉलिथीन शीट से ढंकी ऊंची मिट्टी के स्थान पर तैयार की जाती है।

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14
Sep

Nursery Area for Dapog Nursery डैपोग नर्सरी के लिए नर्सरी क्षेत्र

1. बिचड़े तैयार करने के लिए 25-35 वर्ग मी का क्षेत्रफल पर्याप्त होता है।

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Sep

डैपोग नर्सरी के लिए आर्द्र बीजोपचार

1. बीजों को कार्बेंडाजिम या पायरोक्विलोन या ट्राइसायक्लोजोल के 2ग्राम/ली. जल के साथ बने घोल में 1 किग्रा. बीज की दर से उपचारित करें।

2. 2 घंटे तक बीज को घोल में भिंगोएं। इसके बाद बाकी पानी निकाल दें और बीजों को अंकुरित कर बीजशैय्या में बोएं।

3. बीजों का यह गीला उपचार बिड़्वों को 40 दिनों तक ब्लास्ट जैसे रोगों से बचाव करता है।

4. यदि बीजो को 10 घंटे तक भिंगोएं। अतिरिक्त पानी को निकाल दें। भींगे बीजों को जूट के बोरे में लपेटकर अन्धेरे में रखकर 24 घंटे तक अंकुर आने के लिए छोड़ें।

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14
Sep

डैपोग नर्सरी के लिए शुष्क बीजोपचार

1. शुष्क बीजोपचार: बीजों को बुआई से 24घंटे पूर्व बाविस्टीन या थाइरम जैसे कवकनाशी द्वारा 2ग्राम/किग्रा. बीज की दर से उपचारित किया जा सकता है। बीजों को 600ग्राम /हे. की दर से एजोस्पिरिलियम द्वारा भी उपचारित किया जाता है।

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Sep

डैपोग नर्सरी के लिए बीज दर

25-30 किग्रा बीज/हे. भूमि

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Sep

सूखी नर्सरी में रोपण का समय

1. सूखी नर्सरी में रोपण का सही समय तब है जब बिचड़े में चौथा पत्ता निकल आए।

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14
Sep

सूखी नर्सरी के लिए खरपतवार प्रबंधन

1. बिड़वा निकलने से पूर्व कोई एक शाकनाशी, जैसे- प्रेटिलाक्लोर+सेफनर 0.3 किग्रा/हे. बुआई के 3रे या 4थे दिन प्रयोग करें ताकि निम्नभूमि नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण किया जा सके।

2. पानी की पतली परत बनाए रखें और इसे फिर गायब हो जाने दें। पानी की निकासी न करें। पानी जमा रहने से खरपतवार की वृद्धि रुकेगी।

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Sep

सूखी नर्सरी के लिए ऊर्वरक का बेसल डोज

1. पूरी तरह सड़े हुए FYM या कम्पोस्ट की 1 टन मात्रा 20सेंट या 800वर्ग मी की नर्सरी के लिए इस्तेमाल करें। खाद को मिट्टी में समान रूप से बिखेरें।

2. कम उपजाऊ जमीन में जहां बुआई के 20-25 दिन बाद बिचड़े उखाड़ने हों वहां बेसल अनुप्रयोग के रूप में डीएपी के व्यवहार की अनुशंसा की जाती है।

3. उस स्थिति में, अंतिम जुताई से पूर्व, 40किग्रा. डीएपी डालें और यदि यह तत्काल उपलब्ध न हो तो सीधे 16 किग्रा. यूरिया और 120 किग्रा. सुपर फॉस्स्फ़ेट डालें।

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Sep

सूखी शैय्या वाली नर्सरी में जल प्रबंधन

1. मिट्टी के संतृप्त होने तक उसकी सिंचाई करनी चाहिए

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Sep

सूखी नर्सरी में बुआई

1. यह सूखी बुआई है। बीजों को बालू तथा अच्छी तरह सड़े हुए, खेत में तैयार जैविक खाद की महीन चूर्ण से ढकना चहिए।

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Sep

सूखी नर्सरी के लिए शैय्या तैयार करना

1. इस प्रकार की नर्सरी के लिए बालू और दोमट मिट्टी वाली जमीन में शैय्या तैयार करना सबसे अच्छा रहता है।

2. शैय्या की चौड़ाई 1-1.5 मी होनी चाहिए और चारों ओर नाले बने होने चाहिए।

3. ढाल और मिट्टी के अनुसार शैय्या की लंबाई निर्धारित होनी चाहिए। मिट्टी यदि चिकनी हो तो ऊंची शैय्या का होना अच्छा होता है।

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Sep

सूखी नर्सरी का नर्सरी क्षेत्र

1. एक हे. खेत की रोपाई के लिए जल श्रोत के पास लेकिन लैम्पपोस्ट से दूर 800 वर्ग मी. क्षे. की भूमि का चयन करें।

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Sep

सूखी नर्सरी में एजोस्पिरिलियम के द्वारा बीजोपचार

1. एजोस्पिरीलियम के तीन पैकेट(600ग्राम/हे.) और तीन पैकेट(600ग्राम/हे.) फॉस्फोबैक्टीरिया या 6 पैकेट(1200ग्राम/हे.) एजोफोस ।

2. पर्याप्त जल के साथ मिश्रित बायो-इनोक्युलेंट में बीजों को रात भर भिंगोकर तब बुआई करें।

• बायो कंट्रोल एजेंट बायो फर्टिलाइजर एक दूसरे के अनुकूल होते हैं।

• इसलिए, बीजों को भिंगोने के लिए बायो फर्टिलाइजर और बायो कंट्रोल एजेंट को मिश्रित किया जा सकता है।

• कवकनाशी और बायो कंट्रोल एजेंट आपस में मिश्रित होने के लिए अनुकूल नहीं होते।

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Sep

सूखी नर्सरी में Pseudomonas fluorescens के द्वारा बीजोपचार

1. Pseudomonas fluorescens के टाक आधारित सूत्र- 10ग्राम/किग्रा के हिसाब से बीजों को उपचारित करें और 1ली. पानी में रातभर भींगने दें।

2. अतिरिक्त पानी को निकाल दें और बीजों को 24 अंकुराने दें और तब बुआई करें

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सूखी नर्सरी के लिए बीजोपचार

1. बीजों को कार्बेंडाजिम या पायरोक्विलोन या ट्राइसायक्लोजोल के 2ग्राम/ली जल के घोल में एक किग्रा बीज की दर से उपचार करना चाहिए।

2. 10 घंटे तक बीज को घोल में भिंगोएं और इसके बाद बाकी पानी निकाल दें।

3. बीजों का यह गीला उपचार बिड़वों को 40 दिनों तक ब्लास्ट जैसे रोगों से बचाव करता है और यह उपचार विधि सूखी उपचार विधि की तुलना में बेहतर है।

4. यदि बीजों को तुरंत बोना हो तो भींगे बीजों को जूट के बोरे में लपेटकर अन्धेरे में रखकर 24 घंटे तक अंकुर आने के लिए छोड़ें।

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Sep

सूखी नर्सरी के लिए बीज दर

1. लंबी अवधि वाली किस्मों के लिए 30किग्रा./हे.

2. मध्यम अवधि वाली किस्मों के लिए 40किग्रा./हे.

3. कम अवधि वाली किस्मों के लिए 60किग्रा./हे.

4. हाइब्रिड किस्मों के लिए 20किग्रा./हे.

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Sep

अधिक आयु वाले बिचड़े का प्रबंधन

1. मध्यम और कम उर्वरता वाली मिट्टी के लिए सुझाए गए स्पेसिंग का पालन करें।

2. एक साथ एक या दो बिचड़े की रोपाई करें।

3. अधिक आयु वाले बिचड़ॆ का गुच्छ रोपण से बचें क्योंकि इससे नए कल्ले को निकलने में बाधा आती है।

4. नए कल्ले ही केवल फसल युक्त सामन्य पुष्पगुच्छ धारण करने की क्षमता रखते हैं।

5. रोपण के तीन सप्ताह के अन्दर कमजोर पुष्पगुच्छ मातृ नाल में प्रकट होते हैं और फसल कटाई से पूर्व खत्म हो जाते हैं।

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Sep

मुख्य खेत में बिचड़े का रोपण

1. कम अवधि की फसल के लिए 2-3 बिड़वा एक साथ और मध्यम तथा लंबी अवधि की फसल के लिए 2 बिड़वा एक साथ रोपें।

2. कम गहराई में रोपण (3 सेमी) से संस्थापन जल्द होता है और कल्ले अधिक निकलते हैं।

3. 5 सेमी से अधिक की गहराई में रोपण से संस्थापन देर से होता है और कल्ले कम निकलते हैं।

4. कतार में रोपाई से रोटरी वीडिंग किया जा सकता है और इससे जुड़े अन्य लाभ भी हैं।

5. रोटरी वीडर के लिए कम से कम 20 सेमी का स्थान छोड़ें। 6. 7वें और 10वें DAT के बीच का रिक्त स्थान भर दें।

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Sep

कीचड़ बने खेत में बिचड़े की रोपाई

1. 5 पैकेट एजोस्पिरिलियम (1000ग्राम/हे.) और 5 पैकेट फॉस्फोबैक्टीरिया(1000ग्राम/हे.) या 10 पैकेट एजोफॉस (2000ग्राम/हे.) इनोक्युलेंट को 40ली. जल के साथ तैयार घोल को खेत में डालकर कीचड़ तैयार करें।

2. बिचड़े की जड़ों को 15-30 मिनट तक बैक्टेरियल सस्पेंसन में डुबोएं और तब उनका रोपण करें।

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