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Crop Protection

Crop Protection
22
Sep

लीफ और प्लांट होपर (Leaf and plant hoppers)

1. लीफ होपर्स में शामिल हैं:  

•ग्रीन लीफ होपर  : नेफोटीटिक्स विरेसेंस Nephotettix virescens

2. प्लांट होपर्स में शामिल हैं: 

•भूरे रंग का प्लांट होपर : निलापर्वता लुजेंस Nilaparvata lugens Stal 

•सफेद पीठ वाला प्लांट होपर : सोगटेलला फ्युसिफेरा Sogatella furcifera Horvath

 

22
Sep

गॉल मिज का कल्चरल नियंत्रण

1. पिछले फसल की जुताई से पर्याक्रमण कम हो जाता है।

2. आसपास के क्षेत्रों से घास-फूस और जंगली पौधों के नियंत्रण से गॉल मिज में कमी आती है।

3. देर से रोपण (क्षेत्र में 3 सप्ताह के अन्दर पूर्ण रोपण कर लें) न करें ताकि पर्याक्रमण से बचा जा सके।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गॉल मिज का प्रबन्धन, गॉल मिज के प्रति होस्ट प्लांट का रेसिस्टेंट

गॉल मिज का प्रबन्धन:

1. चावल के गॉल मिज के प्रबन्धन में शामिल हैं कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट और रसायनिक विधि।

यहां गॉल मिज के प्रति प्रतिरोधी चावल के प्रकारों की सूची दी गई है.                              

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गॉल मिज द्वारा हुई क्षति की प्रकृति

1. गॉल मिज की प्रमुख अवस्था जिससे क्षति होती है वह मेगट है। मेग़ट बढ़ते शीर्ष को खाता है और पत्ते के मूल विभेदन को रोकता है।

2. इसमें शामिल है पत्ते के मूल के आंतरिक भाग से रेडियल रिज का विकास और साथ ही पत्ते लम्बे होते जाते हैं। 

3. एक खाली प्रकोष्ठ जिसे ‘गॉल’ कहते हैं, लार्वा के चारों ओर बनता है। चूंकि लार्वा गॉल को खाता है, आधार भाग पर चौड़ा होता है और प्याज के पत्ते की तरह लम्बे दिखाई देते हैं। 

4. लार्वा के तीन चरण होते हैं। प्राय: एक टिलर में एक मेगट पाए जाते हैं। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गॉल मिज का प्रसार क्षेत्र

1. चावल, ओरिजा ( Oryza) के वन्य प्रजाति और (Phospaladium geminatum,Phaspalum scrobiculatum, Panicum spp., Ischaeum ciliare, Cyanodan dactylon, Eleucine indica जैसे घास।

2. यह निम्न भूमि के चावलों का एक कीट है और यह चावल के पौधे के टिलरिंग स्टेज में सिंचित अथवा वर्षा पोषित गीले मौसम में पाया जाता है। यह ऊंची भूमि और अत्यधिक जल वाले चावल की फसलों में भी देखा गया है।

File Courtesy: 
http://www.ncipm.org.in/agroweb/index.aspx
22
Sep

गॉल मिज का जीवनचक्र

1.मादा वयस्क चावल के पत्ते के आधार के निकट पौधे की अंत:

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गॉल मिज का कीट-व्यवहार

1.वयस्क गॉल मिज मच्छर के जैसा होता है। मादाओं के चमकते लाल उदर से लैंगिक भिन्नता स्पष्ट देखी जा सकती है। निकलने के साथ ही मिलन की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं और इसके कुछ घंटे बाद ही ये अंडे देने आरम्भ कर देते हैं। वयस्क कीट प्रकाश संवेदी होते हैं और निशाचर होते हैं। बाहर निकलने के बाद नर गॉल मिज 12 – 18 घंटे तक ही जीवित रहते हैं।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

गॉल मिज की जैव-पारिस्थितिकी

1. जुलाई और अगस्त में जब दिन के समय वर्षा अधिक होती है तब कीटों की घटना अधिक होती है, जो पौधों के अधिकतम टिलरिंग स्टेज में भी होती है। 

2. पौधों की निकट दूरी और उच्च नाइट्रोजन की मात्रा से कीटों का पर्याक्रमण बढ़ जाता है।  

3. मुख्य रूप से बादल के दिनों में या बरसात के मौसम में, उच्च टिलरिंग वाले प्रकार की खेती में, गहन प्रबन्धन उपायों और निम्न कीटनाशन द्वारा इसका जनसंख्या घनत्व की वृद्धि के अनुकूल होता है। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

गॉल मिज का वर्गीकरण (Seolia oryzae)

वर्ग       :  इंसेक्टा

क्रम       :  डिप्टेरा (Diptera)

उप-क्रम : निमेटोसेरा (Nematocera)

फैमिली  : सेसिदोमयिडे (Cecidomyiidae)

जीनस     :    ओर्सियोलिया (Orseolia)

स्पीसीज  :   ओरैजे (oryzae)

 

File Courtesy: 
http://en.wikipedia.org/wiki/Cecidomyiidae
21
Sep

स्टेम बोरर का रासायनिक नियंत्रण

1. कार्बनफ्यूरन (Carbofuran) 3G @ 25 किग्रा/हेक्टेयर का प्रयोग करें (अथवा)

• फोरेट (Phorate) 10 G @ 10 किग्रा/हेक्टेयर अथवा

• कार्टेप (Cartap) 4 G @ 25 किग्रा/हेक्टेयर अथवा

• फिप्रोनिल (Fipronil) 0.3 G @ 25 किग्रा/हेक्टेयर अथवा

• Chlorpyriphos 10G @ 10 किग्रा/हेक्टेयर

2. स्प्रे क्विनेल्फस (Quinalphos) 25 EC @ 1600 मिली/हे. अथवा

• मोनोक्रोटोफॉस (Monocrotophos) 36 WSC @ 1100 मिली/हे. अथवा • Chlorpyriphos 20 EC @ 2000 मिली/हे. अथवा

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

स्टेम बोरर का जैविक नियंत्रण

1. अंडे के पैरासिटॉइड की अधिक संख्या होने पर ट्राइकोग्रामा जैपोनिकम ( Trichogramma japonicum) रोपण के 15 दिन बाद तक पांच से छ: बार 1,00,000 की दर से एडल्ट/हेक्टेयर शुरू करें।

2. कीटों की निगरानी के लिए 5 मिग्रा ल्यूर @ 8 ट्रैप प्रति हे. की दर से लगाएं अथवा बड़े पैमाने पर ट्रैपिंग द्वारा सीधे नियंत्रण के लिए 20 ट्रैप्स/हे. लगाएं।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

स्टेम बोरर का कल्चरल नियंत्रण

• अत्यधिक मात्रा में नाइट्रोजनी ऊर्वरक के प्रयोग से बचें, जोकि इसकी आबादी बढ़ती है।

• अत्यधिक मात्रा में पानी डालकर और जुताई कर पुआल को अथवा खर-पतवार को भूमि के नीचे दबाने से लार्वा और प्यूपा नष्ट हो जाते हैं।

• रोपण के समय बिचड़े की पत्ती के शीर्ष की कटाई से स्टेम बोरर के अंडे नष्ट हो जाते हैं।

• बचे-खुचे नर्सरी को हटा दें और मिट्टी में मिला दें।

• पुआलों की जुताई कर नष्ट कर दें।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

स्टेम बोरर के लिए प्रतिरोधी प्रकार, स्टेम बोरर का प्रबन्धन

रत्ना, सास्याश्री और विकास

स्टेम बोरर का प्रबन्धन

1. राइस बोरर प्रबन्धन में शामिल हैं कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट, केमिकल बायोलॉजिकल और केमिकल विधि।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
21
Sep

स्टेम बोरर द्वारा होने वाली क्षति की प्रकृति

1. बोरर का लार्वा टिलर में प्रवेश कर खाता है, वृद्धि करता है और इसके कारण फसल के चरण के आधार पर ‘मृत बीज के दाने’ अथवा ‘सफेद बाली’ का लक्षण प्रकट होता है। 

2. टिलरिंग के चरण में, कीटों द्वारा पौधों को बार-बार खाने के परिणामस्वरूप पौधों के आधार से शीर्ष के भाग कट कर अलग हो जाते हैं।  

3. पत्ते का केन्द्रीय छल्ला नहीं मुड़ता, भूरे रंगा का हो जाता है और सूख जाता है जबकि नीचे के पत्ते हरे और स्वस्थ्य रहते हैं। यह स्थिति ‘मृत बीज दाना’ कहलाता है। प्रभावित टिलर  में पुष्प-गुच्छ लगने से पहले यह सूख जाता है। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
21
Sep

स्टेम बोरर का विस्तार क्षेत्र (होस्ट रेंज)

1. आन्ध्र प्रदेश, आसाम, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश और प. बंगाल।

File Courtesy: 
http://www.ncipm.org.in/agroweb/index.aspx
Image Courtesy: 
फील्ड रेकनर
21
Sep

स्टेम बोरर का जीवनचक्र

•चिलो एसपी (Chilo sp.) के अंडे अतिच्छादित पंक्तियों या

गुच्छों में होते हैं और असुरक्षित रहते हैं।  

•सिसेमिया एसपी. (Sesamia sp.) के अंडे पत्ते के आवरण के आंतरिक भागों में पाए जाते हैं।  

•अंडे का समय 5-9 दिनों तक चलता है।  

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IPM –NCIPM निबंध
Image Courtesy: 
फील्ड रेकनर
21
Sep

स्टेम बोरर का विनाशक व्यवहार

•वयस्क स्टेम बोरर कीट अत्यधिक फोटोटैक्टिक होते हैं और विशेषकर पराबैंगनी प्रकाश पर आकर्षित होते हैं।  

•वे लाइट ट्रैप में आसानी से एकत्रित किए जा सकते हैं।  

•वयस्क कीट सूर्यास्त के बाद संभोग करते हैं और अंडे देते हैं। 

•पौधों के पुराने और चौड़े पत्ते सिर्पोफेगा एसपी ( Scirpophaga sp.) कीटों द्वारा ओवीपोज़िशन के लिए पसंद किए जाते हैं।   

•कीट सक्रिय टिलरिंग स्टेज के पौधे और फूल लगने से पहले के पौधों पर अंडे देना पसन्द करते हैं।  

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
21
Sep

स्टेम बोरर की जैवपारिस्थितिकी (Bioecology of Stem Borers)

अनुकूल कारक: 

•कीट सक्रिय टिलरिंग स्टेज के पौधे और फूल लगने से पहले के पौधों पर अंडे देना पसन्द करते हैं।  

•अंडे देने के लिए आदर्श तापमान है 28-290C और सापेक्षिक आर्द्रता 60% होती है।  

•S. incertulas तथा S. innotata पत्तों के आवरण पर गुच्छों में अण्डे देते हैं तथा अंडे नमदा जैसे बालों और शल्कों से ढके रहते हैं। 

•कल्चरल घटक जैसे प्रजाति, मिट्टी का pH, ऊर्वरक अनुप्रयोग और यहां तक कि चावल के फसल की पोषकीय स्थिति स्टेम बोरर की घटना की दर को प्रभावित करता है। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबंध
21
Sep

राइस स्टेम बोरर का फैलाव

1. राइस स्टेम बोरर कीटों का एक समूह है जो चावल की फसल को भारी क्षति पहुंचाता है।  

2. संपूर्ण भारत में स्टेम बोरर की पांच प्रजातियों का फैलाव है। उनमें, पीले रंग के स्टेम बोरर (YSB), सिर्पोफेगा इंसर्ट्युलस  Wlk (Scirpophaga incertulas Wlk.) सबसे अधिक व्यापक, प्रबल और विनाशकारी है।  

File Courtesy: 
फील्ड रेडी रेकनर
21
Sep

राइस स्टेम बोरर का वर्गीकरण (Scirpophaga incertulas)

वर्ग        :  इनसेक्टा                          

क्रम        :  लेपिडोप्टेरा          

सुपरफैमिली  :  पायरालोइडिया

फैमिलीज़    :  पायरालिडी (Pyralidae)       

स्पीसीज़     :   इंसर्ट्युलस (Incertulas)

 

File Courtesy: 
http://en.wikipedia.org/wiki/Pyraloidea
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