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Diseases

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8
Sep

डॉनी मिल्ड्यू

1. चावल का डॉनी मिड्ल्यू रोग दुनिया के अधिकतर चावल उत्पादक क्षेत्रों में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

2. इसका सामान्य रोगाणु Scleropthora macrospora है, जो जड़ों को छोड़कर चावल के पौधे को योजनाबद्ध तरीके से संक्रमित करता है। यह पूरे पौधे के विकास को बाधित करता है और पत्तियों पर चित्तियां निर्मित करता है, अथवा उन्हें पीला करता है।

3. यह ग्रेमीनेसी कुल के पौधों, जैसे गेहूं, जौ, मकई, ज्वार तथा कई चारे एवं खर-पतवार वाले पौधों पर विकसित होता है।

File Courtesy: 
http://rms1.agsearch.agropedia.affrc.go.jp/ सामग्री s/JASI/pdf/society/28-3348.pdf
8
Sep

क्राउन शीथ रॉट के नियंत्रण की पारंपरिक पद्धतियां

क्राउन शीथ रॉट के नियंत्रण की पारंपरिक पद्धतियां :

1. गैर-घास वाली फ़सलों के साथ फ़सल चक्रण.

 2. चावल की बुआई से पहले गर्मियों में खेत में डिस्क के इस्तेमाल और सफाई बनाए रखने से पौधे के अवशेषों की समाप्ति होती है और इस प्रकार इस रोग में नियंत्रण में सहायता मिलती है।

File Courtesy: 
http://165.91.154.132/Texlab/Grains/Rice/ricebss.html
8
Sep

क्राउन शीथ रॉट के पूर्व प्रवृत्त कारक

क्राउन शीथ रॉट रोग को बढ़ावा देने वाला कारक है:

1. अत्यधिक नाइट्रोजन का इस्तेमाल।

File Courtesy: 
http://www.lsuagcenter.com/NR/rdonlyr es/B2731525-EFA1-4336-8640-5FF16D 8470B4/58936/RiceDiseaseIDphotolink.pdf
8
Sep

क्राउन शीथ रॉट का सामान्य रोगाणु

• क्राउन शीथ रॉट का सामान्य रोगाणु "Gaeumannomyces graminis" है।

File Courtesy: 
http://www.lsuagcenter.com/NR/rdonlyr es/B2731525-EFA1-4336-8640-5FF16D8 470B4/58936/RiceDiseaseIDphotolink.pdf
8
Sep

क्राउन शीथ रॉट के लक्षण

क्राउन शीथ रॉट के लक्षण:

1. जल स्तर के समीप काले से भूरे रंग के बिखरे हुए जख्म देखे जाते हैं, पर्थेसिया नेक्स ऊपरी सतह से बाहर निकलते हैं, जिनमें पत्रावरण तथा कल्म के बीच मोटा कवक मैट निर्मित होता है।

2. गंभीर स्थिति में यह पौधे को लुंज-पुंज बना देता है।

File Courtesy: 
http://www.lsuagcenter.com/NR/rdonlyres/B27 31525-EFA1-4336-8640-5FF16D8470B4/58936 /RiceDiseaseIDfotolink.pdf
8
Sep

क्राउन शीथ रॉट का वितरण तथा मौजूदगी

क्राउन शीथ रॉट का वितरण:

• पूरे लुइसियाना में यह रोग वहां काफी गंभीर रूप में देखा गया जहां नाइट्रोजन उर्वरकों की काफी अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा था।

File Courtesy: 
http://www.lsuagcenter.com/NR/rdonlyre s/B2731525-EFA1-4336-8640-5FF16D847 0B4/58936/RiceDiseaseIDphotolink.pdf
8
Sep

क्राउन शीथ रॉट

1. इसे ब्लैक शीथ रॉट के नाम से भी जाना जाता है।

2. इस रोग का सामान्य रोगाणु "Gaeumannomyces graminis" है।

3. ब्लैक शीथ रॉट या क्राउन रॉट को टेक्सास में कई दशकों तक मामूली रोग माना जाता रहा, पर गंभीर संक्रमण देखे जाने के बाद इसे महत्वपूर्ण मान लिया गया।

File Courtesy: 
http://165.91.154.132/Texlab/Grains/Rice/ricebss.html
8
Sep

ब्लैक कर्नल का सामान्य रोगाणु

• ब्लैक कर्नल रोग का सामान्य रोग Curvularia Boedijn है।

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http://www.knowledgebank.irri.org/sm ta/index.php?option=com_content &vie w=article&id=271&catid=35&Itemid=84
8
Sep

ब्लैक कर्नल के लक्षण

ब्लैक कर्नल के लक्षण :

1. ग्लूम का रंग फीका पड़ जाता है।

2. गंभीर संक्रमण में चावल के दाने काले पड़ जाते हैं।

8
Sep

ब्लैक कर्नल का आर्थिक महत्व

ब्लैक कर्नल का आर्थिक महत्व :

1. राव तथा सलाम (1954) ने पाया कि भारत में चावल के 60% बदरंग दाने कर्वुलैरिया द्वारा संक्रमित होते हैं।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/smta/in dex.php?option=com_content &view=arti cle&id=271&catid=35&Itemid=84
8
Sep

ब्लैक कर्नल का इतिहास

1. मार्टिन (1939) तथा मार्टिन एवं अल्टस्टैट (1940) ने पाया कि पॉलिश किए जाने के बाद संक्रमित चावल के दाने काले बीज का निर्माण करते हैं।.

2. गंभीर रूप से संक्रमण की स्थिति में वे सीड्लिंग ब्लाइट भी उत्पन्न करते हैं या बिचड़े को कमजोर कर डालते हैं।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/smta/in dex.php?option=com_ content &view=arti cle&id=271&catid=35&Itemid=84
8
Sep

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के नियंत्रण की पारंपरिक पद्धतियां

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के नियंत्रण की पारंपरिक पद्धतियां :

1. फ़सक की कटाई के बाद ठूठों को जलाने से इस रोग के नियंत्रण में काफी मदद मिलती है। 

2. संक्रमित फ़सल के सभी अवशेषों को पूर्ण रूप से हटाने से काफी नियंत्रण होता है। 

3. मोल्डबोर्ड जुताई, फ़सल चक्रण से भी बचे हुए इनोकुलम के विकास को रोका जा सकता है। 

4. चावल की बुआई घने रूप से नहीं करना चाहिए क्योंकि उनसे रोग को बढ़ावा मिल सकता है। 

5. टिलरिंग के बाद पूरे खेत में उन्हें साप्ताहिक रूप से जांच करें और ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट का पता लगाएं। 

File Courtesy: 
http://www.ipm.ucdavis.edu/PMG/r682100311.html
8
Sep

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के पूर्व प्रवृत्त कारक

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के पूर्व प्रवृत्त कारक:

1. उच्च आद्रता

2. भारी वर्षा

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http://cecolusa.ucdavis.edu/files/54685.pdf
8
Sep

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट का सामान्य रोगाणु

• ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट रोग उत्पन्न करने वाला सामान्य रोगाणु Rhizoctonia Oryzae-sative है।

File Courtesy: 
http://cecolusa.ucdavis.edu/files/54685.pdf
8
Sep

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के लक्षण

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के लक्षण:

1. ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट के जख्म टिलरिंग अवस्था के दौरान जल स्तर के पास की निचले पत्रावरण पर उभरते हैं। 

2. जख्म वृत्ताकार से लेकर ग्रहपथाकार होते हैं, और उनके मध्य भाग धूसर-हरे से आरंभिक जख्म के चारों ओर बार-बार अतिरिक्त किनारे निर्मित होते हैं, जिससे एक संकेद्रित पट्टी की श्रृंखला बनती है। 

3. जख्म के केंद्र से नीचे की ओर एक हल्के रंग की नेक्रोटिक कोशिकाओं की पट्टी निकलती है। 

4. आगे के मौसम में कई बार ठीक जल स्तर के ऊपर द्वितीयक संक्रमण उत्पन्न होते हैं। 

 

File Courtesy: 
http://www.ipm.ucdavis.edu/PMG/r682100311.html
8
Sep

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट का वितरण तथा इसकी मौजूदगी

• ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट रोग चीन, जापान, भारत, ईरान, थाइलैंड तथा कैलिफॉर्निया में पाया जाता है।

File Courtesy: 
google book
8
Sep

ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट

1. ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट पौधों में जख्मों का निर्माण करता है, जो वृत्ताकार से लेकर ग्रहपथाकार और धूसर-हरे से लेकर पुआल के आकार के मध्य भाग वाला होता है और यह भूरे रंग के किनारे से घिरा होता है। 

2. ऐग्रेगेट शीथ स्पॉट कवक  Rhizoctonia Oryzae-sative द्वारा उत्पन्न होता है। 

3. यह कवक चावल की संक्रमित पत्रावरण पर ग्लैबोज स्क्लेरोटिया तथा संक्रमित उत्तक के भीतर बेलनाकार स्क्लेरोटिया का निर्माण करता है।  

4. लैंगिक अवस्था Cerabasidium oryzae है। यह अवस्था पत्रावरण के बाहर अस्पष्ट गेहुंए स्तर के रूप में उत्पन्न होती है। 

 

File Courtesy: 
http://cecolusa.ucdavis.edu/files/54685.pdf
8
Sep

उद्बत्ता रोग का रासायनिक नियंत्रण

उद्बत्ता रोग का रासायनिक नियंत्रण:

1. 10 मिनट के लिए 54 डिग्री से. पर गर्म जल उपचार तथा Granosan MDB + Vitavax जैसे कवकनाशी इस रोग से बचाव में कारगार माने जाते हैं।

File Courtesy: 
http://www.new.dli.ernet.in/rawdat aupload/upload/insa/INSA_1/200 05b6d_432.pdf
8
Sep

उद्बत्ता रोग के नियंत्रण की पारंपरिक विधियां

 उद्बत्ता रोग के नियंत्रण की पारंपरिक विधियां :

• रोगमुक्त बीजों का इस्तेमाल करना। 

• 10 मिनट के लिए 54 डिग्री से. के लिए गर्म पानी से बीज का उपचार करना। 

• खेत में रोगग्रस्त पुष्प-गुच्छ का नाश कर उसे हटाना। 

 

8
Sep

उद्बत्ता रोग के प्रबंधन विकल्प

1. उद्बत्ता रोग के प्रबंधन विकल्पों में शामिल हैं पारंपरिक पद्धतियां, रासायनिक नियंत्रण तथा प्रतिरोधी किस्मों की बुआई।

File Courtesy: 
ttp://www.new.dli.ernet.in/rawdata upload/upload/insa/INSA_1/200 05b6d_432.pdf
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