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Package of Practices

Package of Practices
3
Jul

प्लास्टिक ड्रम सीडर द्वारा चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक

किस्म : नवीन

File Courtesy: 
BAU, Ranchi
3
Jul

शंकर प्रजाति की चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक

किस्म : प्रोएग्रो अथवा अराइज 6444, अराइज 6201
बुआई की तिथि : 1 जून - 20 जून
बीज दर : 15 किग्रा/हेक्ट.
खाद : बुआई के 15 दिन पहले 5 - 10 टन FYM / कम्पोस्ट अथवा 5 क्विं/हेक्ट. नीम की खली का प्रयोग करें।
ऊर्वरक : 150:75:90 किग्रा NPK / हेक्ट. प्रतिरोपण के समय फास्फोरस की पूरी मात्रा और 60 किग्रा पोटाश (DAP तथा MOP) तथा ¼ नाइट्रोजन का प्रयोग करें।
नाइट्रोजन का उपरिवेशन : पछात किस्मों में 3, 6 तथा 9 सप्ताह के बाद ¼ नाइट्रोजन 3 बार तथा मध्यम अवधि की किस्मों में 3 तथा 6 सप्ताह के बाद 2 बार करें।
पोटाश उपरिवेशन: फूल निकलने के समय 30 किग्रा पोटाश का प्रयोग करें।
उपज : 80 क्विं/हेक्ट.

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BAU, Ranchi
3
Jul

SRI विधि द्वारा चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक

किस्म : किसी भी संवर्धित अथवा शंकर किस्म के लिए
बीज दर : 5 किग्रा/हेक्ट.
नर्सरी : 20 ग्राम अंकुरित बीज का प्रति वर्ग मीटर में छिड़काव करें (कुल 250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल)
प्रतिरोपण : 8 अथवा 12 दिन के पौधों को नर्सरी की मिट्टी के साथ 25 X 25 सेमी के स्थान पर प्रतिरोपण (एक स्थान पर एक पौधा) करें।
खाद : बुआई के 15 दिन पहले 10 टन FYM / कम्पोस्ट अथवा 5 क्विं/हेक्ट. नीम की खली।
ऊर्वरक : 120:60:40 किग्रा NPK / हेक्ट. (बौना प्रजाति) और 150:75:90 किग्रा NPK / हेक्ट. (शंकर प्रजाति)। प्रतिरोपण के समय फास्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा का प्रयोग करें।

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BAU, Ranchi
3
Jul

प्रतिरोपित चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक - 3

नर्सरी प्रबन्धन : 10 - 12 दिन के नर्सरी पौधों में, कार्बोफ्यूरन 3G @ 250 ग्राम का प्रयोग करें, अथवा फोरेट 10G @100 ग्राम प्रति 100 मी2 के नर्सरी क्षेत्रफल में प्रयोग करें। यह निमेटोड्स को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है।
प्रतिरोपण: 15 – 20 दिन के पौधे (सिंचित) तथा 25 – 30 दिन के पौधे (असिंचित)
खाद : बुआई के 15 दिन पहले 5 टन FYM / कम्पोस्ट अथवा 5 क्विं/हेक्ट. नीम की खली।
ऊर्वरक:
120:60:40 किग्रा NPK / हेक्ट. (बौने किस्म)
120:60:40 किग्रा NPK / हेक्ट. (राजश्री)
120:60:40 किग्रा NPK / हेक्ट. (अंजली और बिरसा विकास धान 110)

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BAU, Ranchi
3
Jul

प्रतिरोपित चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक – 2

1 जून - 20 जून: अगात किस्मों के लिए (स्वर्ण, राजश्री, सम्भा महसूरी तथा बिरसामती)
13 जून - 30 जून: मध्यवर्ती और अगात किस्मों के लिए (अंजली, बिरसा विकास धान 110, सहभागी, अभिषेक, नवीन, ललत, IR 36 तथा IR 64)
1 जुलाई - 14 जुलाई: बिरसा धान 108
बीज दर: 50 किग्रा/हेक्ट.(बड़ा दाना), 40 किग्रा/हेक्ट. (मध्यम अथवा छोटे आकार के दानें तथा सुगन्धित चावल)।
नर्सरी बुआई : अंकुरित बीज को बिखेर कर (50 ग्राम/वर्ग मीटर) अथवा सूखे बीज को गीली मिट्टी में पंक्ति में बोकर नर्सरी बुआई करें। एक हेक्टेयर खेत के लिए 1,000 मी2 क्षेत्रफल का इस्तेमाल किया जाता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

प्रतिरोपित चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक – 1

प्रतिरोपित चावल की खेती के लिए उपयुक्त किस्में
1. अगात (100-115 दिन): अंजली, बिरसा विकास धान 110 तथा सहभागी
2. मध्यवर्ती (120-135 दिन): अभिषेक, नवीन, ललत, IR 36 तथा IR 64
3. पछात (140 दिन): स्वर्ण (MTU 7029), राजश्री, सम्भा महसूरी (BPT 5204) और बिरसामती

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BAU, Ranchi
3
Jul

ऊंची अथवा टांर (Tanr) भूमि (वर्षा-पोषित) में चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक

किस्म: बिरसा धान 108, बिरसा विकास धान 109 तथा वन्दना
बुआई की तिथि: 15 - 30 जून
बीज दर : 100 किग्रा/हेक्ट. (बिखेरने के लिए) तथा 80 किग्रा/हेक्ट. (हल से खेत में बनी लकीर के पीछे डालने के लिए)
खाद: बुआई के 15 दिन पहले 5 टन FYM / कम्पोस्ट अथवा 5 क्विं/हेक्ट. नीम की खली।
ऊर्वरक: 40:20:20 किग्रा NPK / हेक्ट.। बुआई के समय 20 किग्रा फॉस्फोरस (125 किग्रा SSP अथवा 50 किग्रा TSP) और 20 किग्रा पोटाश (50 किग्रा MOP) / हेक्ट.।
पहला उपरिवेशन : बुआई और घास-फूस निकालने के 2 सप्ताह बाद 20 किग्रा N (50 किग्रा यूरिया), दूसरा उपरिवेशन : खर-पतवार नष्ट करने के 4 सप्ताह बाद 20 किग्रा N (50 किग्रा यूरिया)।

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BAU, Ranchi
3
Jul

ग्रीष्मकालीन-चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक (गर्मा धान) -2

बुआई के समय: नाइट्रोजन की 1/3 खुराक का प्रयोग करें (40 अथवा 20 किग्रा नाइट्रोजन), तथा फास्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा का प्रयोग करें।
नाइट्रोजन का उपरिवेशन : प्रतिरोपण के बाद 3 तथा 6 सप्ताह, घास-फूस हटाने के प्रत्येक बार नाइट्रोजन की 1/3 खुराक (40 अथवा 20 किग्रा नाइट्रोजन) का प्रयोग करें।
जल प्रबन्धन: समय-समय पर प्रति सप्ताह, कम से कम एक सिंचाई होनी ही चहिए।
उपज: 40 क्विंटल/हेक्ट. (बिरसा विकास धान 110)
60 क्विंटल/हेक्ट. (अन्य बौना किस्म)

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BAU, Ranchi
3
Jul

ग्रीष्मकालीन-चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक (गर्मा धान) -1

झारखंड राज्य के बहारगोरा और गेतलसूद बांध के निकट लगभग 10,000 हेक्ट. भूमि में ग्रीष्मकालीन धान (गर्मा धान) की खेती की जाती है। 15 जनवरी के बाद जब तापमान कम होता है उस समय इसकी बुआई की जानी चाहिए। बीज को गर्म पानी में 24 घंटों के लिए भिंगो कर रखना चाहिए, और इसके बाद इसे जूट के बोरे में लपेटकर रखना चाहिए। अंकुरित बीजों को कीचड़युक्त भूमि में बोना चाहिए। रात्रि शीत के समय सफेद प्लास्टिक की चादर से ढककर रखें।
किस्म: बिरसा विकास धान 110 (गेतलसूद बांध से प्रभावित क्षेत्रों के लिए), IR 36, IR 64 और ललत।
बीज दर : 60 किग्रा/हेक्ट.

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - सम्भा महसूरी (RPT 5209)

1. अधिसूचना का वर्ष- 1986
2. अवधि - 145
3. पारिस्थितिकी - सिंचित तथा नीचली भूमि
4. विशेष गुण - अनाज की अच्छी गुणवत्ता

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - स्वर्ण (MTU 7029)

1. अधिसूचना का वर्ष- 1987
2. अवधि - 140
3. पारिस्थितिकी - वर्षा-पोषित, नीचली भूमि
4. विशेष गुण- BLB के प्रति प्रतिरोधी तथा अनेक रोगों के प्रति सहनशील

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - राजश्री

1. अधिसूचना का वर्ष- 1987
2. अवधि - 145
3. पारिस्थितिकी - वर्षा-पोषित तथा नीचली भूमि
4. विशेष गुण- ब्लास्ट के प्रति प्रतिरोधी

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - BR 10

1. अधिसूचना का वर्ष- 1955
2. अवधि - 150
3. पारिस्थितिकी - वर्षा-पोषित नीचली भूमि
4. विशेष गुण-

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - ललत

1. अधिसूचना का वर्ष- 1968
2. अवधि - 125
3. पारिस्थितिकी - सिंचित
4. विशेष गुण- गाल मिज और ब्लास्ट के प्रति प्रतिरोधी

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - सुगन्धा

1. अधिसूचना का वर्ष- 1983
2. अवधि - 150
3. पारिस्थितिकी - वर्षा-पोषित
4. विशेष गुण- गाल मिज और ब्लास्ट के प्रति प्रतिरोधी

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - बिरसा धान 202

1. अधिसूचना का वर्ष- 1995
2. अवधि - 130
3. पारिस्थितिकी - वर्षा-पोषित
4. विशेष गुण- गाल मिज के प्रति प्रतिरोधी

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - बिरसा धान 201

1. अधिसूचना का वर्ष- 1995
2. अवधि - 115
3. पारिस्थितिकी - वर्षा-पोषित तथा मध्यम भूमि
4. विशेष गुण- ब्लास्ट के प्रति सहनशील

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - विरेन्द्र

1. अधिसूचना का वर्ष- 2006
2. अवधि - 90
3. पारिस्थितिकी - ऊंची भूमि
4. विशेष गुण- गाल मिज एवं ब्लास्ट के प्रति प्रतिरोधी

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BAU, Ranchi
3
Jul

किस्म - वन्दना

1. अधिसूचना का वर्ष- 2002
2. अवधि - 90
3. पारिस्थितिकी - ऊंची वर्षापोषित
4. विशेष गुण- घास-फूस प्रतिरोधी, सूखे के प्रति सहनशील

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BAU,Ranchi
3
Jul

किस्म - शिवम

1. अधिसूचना का वर्ष- 2006
2. अवधि - 125
3. पारिस्थितिकी - सिंचित
4. विशेष गुण- ब्लास्ट के प्रति प्रतिरोधी , BLB

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BAU,Ranchi
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