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Package of Practices

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3
Jul

राइस स्वार्मिंग कैटरपिलर के हमले का लक्षण

रात भर में पूरी की पूरी नर्सरी नष्ट हुई पाई जाती है।

File Courtesy: 
BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्वार्मिंग कैटरपिलर

लैटिन नाम: स्पोडोप्टेरा मॉरीशिया (Spodoptera mauritia),
नॉक्ट्वीडिया (Noctuidae),
लेपिडोप्टेरा (Lepidoptera)
सामान्य नाम:
प्रजाति: एस. मॉरीशिया (S. mauritia)

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BAU,Ranchi
3
Jul

राइस गाल मिज का प्रबन्धन (Sanrhakeet )

रासायनिक नियंत्रण: कार्बोफ्यूरन 3G @ 30 किग्रा/हेक्ट. का प्रयोग कीटों की जनसंख्या के नियंत्रण में बहुत ही प्रभावकारी सिद्ध हुआ है।
प्रतिरोधी किस्म: झारखंड में ललत और नवीन इस कीट के लिए प्रतिरोधी माना गया है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस गाल मिज का जीव-विज्ञान (Sanrhakeet )

अण्डा: पत्तों के आधार भाग पर यह कीट लंबा, बेलनाकार, चमकीला सफेद अथवा लाल अथवा गुलाबी रंग का एक अथवा गुच्छे (2-6) में अन्डा देता है। मैगॉट: अंडे से निकलने के बाद मैगॉट 1 मिमी लंबा होता है जिसका आंतरिक अंत भाग नुकीला होता है। यह आवरण में रेंगता है और बढ़ते कोंपल में प्रवेश कर जाता है। खाने के स्थान पर एक अन्डाकार प्रकोष्ठ का निर्माण करता है। प्यूपा: निकलने के समय प्यूपा नली को सिल्वर शूट के शीर्ष पर लगे एंटिनल सींग की मदद से हिलाता है और बाहर की ओर आधा

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस गाल मिज के नुकसान का लक्षण (Sanrhakeet )

1. मेगॉट टिलर के बढ़ने वाले सिरे में छिद्र करता है और इसके परिणामस्वरूप पत्ते के कोष की असामान्य वृद्धि होती है, जो सफेद नलिकाकार होता है और इसका अंत सिरा बिना किसी बनावट के होता है।

2. यह फीका हरा, गुलाबी अथवा बैंगनी रंग का होता है। टिलर के आगे की वृद्धि रुक जाती है। इसे ओनियन शूट अथवा सिल्वर शूट कहते हैं।

3. मैगॉट द्वारा खाया जाना और लार्वा का स्राव, जिसमें एक सक्रिय पदार्थ सेसिडोजेन पाया जाता है, मेरिस्टेमेटिक के कोशिका प्रसरण और गाल के निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस गाल मिज के हमले का लक्षण (Sanrhakeet )

1. पत्ते के निर्माण के बदले केन्द्रीय अंकुरण लंबे नलिकाकार संरचना का निर्माण करता है।

2. जब गाल नुकसान के आंतरिक लक्षण के रूप में प्रकट होता है तब कीट प्यूपा के चरण में होता है और निकलने के लिए तैयार होता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस गाल मिज (Sanrhakeet )

लैटिन नाम: ऑर्सेलियो ऑरिजा (Orseolia oryzae),
सेसिडोमाईडी (Cecidomyiidae),
डिप्टेरा (Diptera)
सामान्य नाम : राइस गाल मिज (Sanrhakeet)
प्रजाति : ओ. ऑरिजा (O. oryzae)

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर का प्रबन्धन (तना बेधक)

1. नर्सरी में: 10 - 12 दिन के नर्सरी पौधों में कार्बोफ्यूरन 3G @ 250 ग्राम, अथवा फोरेट 10G @100 ग्राम प्रति 100 मी2 नर्सरी क्षेत्रफल में प्रयोग करें।

2. रफिंग: मृत बीजकोष वाले टिलर्स को हटा देना चाहिए और उसे खेत के बाहर नष्ट करना चाहिए, इससे पर्याक्रमण का खतरा कम होता है।

3. जैविक नियंत्रण: एक हेक्टेयर के लिए रोपण के ठीक एक महीने बाद एक सप्ताह के अंतराल पर 8 ट्राइकोकॉर्ड (जैव-कारक ट्राइकोग्रेमा) का 3 बार (कुल 24 बार) प्रयोग करें।

4. रासायनिक नियंत्रण: कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड 4G @ 20 किग्रा/हेक्ट. कीटों की जनसंख्या को नियंत्रित करने में बहुत ही प्रभावी पाया गया है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर का वयस्क रूप ( तना बेधक)

1. वे विलक्षण लैंगिक डायमॉर्फिज्म दर्शाते हैं। मादा कीट अग्रपक्ष के मध्य में काले धब्बों के साथ चमकदार पीले भूरे रंग की होती है और गुदा क्षेत्र में पीले बालों की कलगी होती है। नर कीट आकार में छोटा और भूरे रंग का होता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर क प्यूपा (तना बेधक)

1. चावल के तने, पुआल और ठूंठ में प्यूपा का निर्माण होता है। प्यूपा के निर्माण से पहले यह इंटरनोड में एक निकास छिद्र बनाता है और बाद में वयस्क के बाहर निकने के लिए पतले जालों से इसे ढक देता है।
2. कृमिकोष का आंतरिक अग्रभाग नलीदार होता है और निकास छिद्र से जुड़ा होता है तथा कृमिकोष को जलरोधी बनाने के लिए इस नलिकाकार क्षेत्र में लार्वा के जालों को दो पटों में तैयार करता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर का लार्वा ( तना बेधक)

1. अंडे से निकला लार्वा नीचे की ओर गति करता है और 1 अथा 2 घंटे तक पौधों पर इधर-उधर चलता-फिरत है। वे हवा के झौंकों की मदद से छिपटी धागों की द्वारा लटक कर अन्य पौधों पर जा सकते हैं।
2. वे जल पर तैर भी सकते हैं और अन्य टिलरों पर पहुंच सकते हैं। वे पत्तों के कोष में प्रवेश कर 2-3 दिन तक तने के हरे ऊतकों को खाते हैं।
3. इसके बाद ये गांठों के निकट तनों में छेद करते हैं। तने के एपिडर्मल स्तर पर सिलिका एकत्र करते हैं और पत्तों का कोष संपूर्ण चबा डालने में पहले लार्वा के लिए एक अवरोध के रूप में कार्य करता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर के अंडे ( तना बेधक)

1. अंडे क्रीम सफेद रंग का, चपटा, अंडाकार और शल्क की तरह और असंख्य होता है। अंडे के प्रत्येक ढेर में 15-80 अंडे होते हैं और बादामी रंग के बालों से ढका रहता है।

2. बच्चा निकलने से पहले, अंडे बैंगनी रंग की आभा में टूटता है। ये प्राय: पत्तों के सिरों पर पाए जाते हैं।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर का जीव-विज्ञान ( तना बेधक)

1. अन्डा
2. लार्वा
3. प्य़ूपा
4. वयस्क

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर के नुकसान की प्रकृति ( तना बेधक )

1. पौधों पर कीटों का हमला नर्सरी से ही आरंभ हो जाता है खासकर लंबी अवधि वाली किस्मों में।

2. जून से सितम्बर के समय यह थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन यह अक्टूबर से जनवरी और फरवरी के दौरान तीव्र हो जाता है।

3. कैटरपिलर तने में प्रवेश कर बढ़ते अंकुर को खा जाता है। परिणामस्वरूप केन्द्रीय अंकुरण सूख जाता है और बीज का मृत भाग निर्मित होता है।

4. टिलर्स विभिन्न चरणों में प्रभावित होते हैं। जब ये फूल के समय प्रभावित होते हैं तब ईयरहेड तुषमय हो जाता है और इसे व्हाइट ईयर कहा जाता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर के हमले के लक्षण ( तना बेधक )

खेतों में अनेक राइस स्टेम बोरर कीटों को जल में मृत और तैरते पाया जाता है। अलैंगिक प्रक्रिया के चरण में, प्रभावित टिलर में बीज का मृत भाग देखा जा सकता है और प्रजनन के चरण में व्हाइट ईयर देखे जा सकते हैं।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस स्टेम बोरर ( तना बेधक)

लैटिन नाम : सिर्पोफेगा इंसर्ट्युलस (Scirpophaga incertulas),
पायरास्टिडा (Pyraustidae),
लेपिडोप्टेरा (Lepidoptera)
सामान्य नाम : तना बेधक
प्रजाति : एस. इंसर्ट्युलस

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल की फसल में कीट

झारखंड राज्य के अन्दर विभिन्न क्षेत्रों में चावल की फसलों पर पांच मुख्य कीटों द्वारा हमले किए जाते हैं। ये हैं -
1. राइस स्टेम बोरर
2. राइस गाल मिज
3. राइस स्वार्मिंग कैटरपिलर
4. राइस लीफ फोल्डर
5. राइस गन्धी बग / एयरहेड बग

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल के फसल के लिए स्थान विशिष्ट पोषण प्रबन्धन

खाद: चावल की सीधी बुआई वाले खेत में 5 टन FYM अथवा कम्पोस्ट अथवा 5 क्विंटल करंज अथवा नीम की खली प्रति हेक्ट.

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल की कटाई, दवनी (थ्रेशिंग) तथा भंडारण

1. कटाई: जब फूल के गुच्छे में 80% अनाज पक जाए तब हसिए अथवा कटाई मशीन से कटाई प्रारंभ करें।

2. दवनी: पेडल थ्रेसर अथवा लकड़ी के पट्टॆ के प्रयोग करें और सुखाने के बाद रात के समय ओस से इसका बचाव करें। चावल की कटाई के दिन ही थ्रेसिंग की प्रक्रिया होनी चाहिए। ऐसा करने से चक्की में दाना नहीं टूटता है।

3. अनाज को भूसे से अलग करना : लंबे दाने की किस्मों के लिए रबर शेलर का इस्तेमाल करें, अन्यथा दाना टूट जाता है। उसना लंबे दाने चक्की में कम टूटते हैं। भाप का इस्तेमाल कर चावल को उसना बनाएं।

4. भंडारण: 8 - 10% नमी भंडारण के लिए सुरक्षित होता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

सुगन्धित चावल की खेती के लिए उत्पादन तकनीक

किस्म: BR 10 तथा बिरसामती।
बुआई की तिथि : 1 जून - 25 जून
ऊर्वरक: 60:40:40 किग्रा NPK / हेक्ट. (BR 10) तथा 120:60:40 किग्रा/हेक्ट.(बिरसामती)। कीचड़ बनाने के बाद फास्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा का प्रयोग करें। प्रतिरोपण के समय नाइट्रोजन की आधी खुराक का इस्तेमाल करें और बची हुई मात्रा को प्रतिरोपण के क्रमश: 3 तथा 6 सप्ताह पर 2 बार उपरिवेशन के रूप में डालें।
कटाई और दवनी : जब लगभग 80% अनाज खेत में पक जाए। कटाई के बाद अनाज को तुरंत छिलके से अलग कर लेना चहिए।
अनाज को भूसे से अलग करना : रबर सेलर के साथ जुड़े मिलर टाइप का इस्तेमाल करें।

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BAU, Ranchi
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