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Package of Practices

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3
Jul

चावल के ब्लास्ट रोग का प्रबंधन

- खेत की मेड़ और नाले में पर उगे खर-पतवारों को हटाकर नष्ट कर दें।
- बीजोपचार: Carbendazim 50 WP या Beam (Tricyclazole) @ 2 ग्राम/किग्रा बीज की दर से।
- जैवनियंत्रण कारक द्वारा बीजोपचार: Trichoderma viride@ 4ग्राम/किग्रा या Pseudomonas fluorescens @ 10ग्राम/किग्रा बीज की दर से।
- मुख्य खेत में बिड़वों को काफी नजदीक–नजदीक लगाने से बचें।
- बिचड़े वाले खेत में Carbendazim 25 ग्रा. या Edifenphos 25 मिलि के 8% घोल का छिड़काव करें।
- Carbendazim 50 WP (@ 1 ग्राम/ली. जल) 0.1% घोल का या 0.06% बीम (Tricyclazole) (6 ग्राम/10 ली. जल) का छिड़काव करें।

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल के ब्लास्ट रोग का पूर्वानुमान

1. फसल की वृद्धि के तीन अति संवेदनशील चरण, अर्थात्- विड़वे की अवस्था, प्रतिरोपण के बाद की टिलरिंग अवस्था और नेक इमर्जेंस अवस्था के दौरान अथवा एक सप्ताह या अधिक की अवधि तक रात के न्यूनतम तापमान के 20-26 डिग्री से. होने और साथ ही सापेक्षिक आर्द्रता की रेंज 90% या उससे अधिक होने की स्थिति के आधार पर ब्लास्ट का पूर्वानुमान किया जा सकता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल के ब्लास्ट के फैलने और जीवित रहने का ढंग

1. यह रोग मुख्यतः वायुजनित कोनिडिया के जरिए फैलता है क्योंकि कवक के बीजाणु सालो भर मौजूद रहते हैं।
2. इनोक्यूलम के महत्वपूर्ण श्रोत संक्रमित पुआल और बीज में पाए जाने वाले मायसीलियम और कोनिडिया होते हैं। सिंचाई के जल द्वारा कोनिडिया विभिन्न खेतों में पहुंचा दिए जा सकते हैं।

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल के ब्लास्ट रोग के लिए अनुकूल दशाएं

1. अत्यधिक मात्रा में नाइट्रोजन युक्त ऊर्वरक की इस्तेमाल, रुक-रुककर वर्षा, बादलयुक्त मौसम, उच्च आपेक्षिक आर्द्रता(93-99 प्रतिशत), रात में कम तापमान(15-20 डिग्री से. या 26 डिग्री से. से कम), वर्षा के दिन की अधिक संख्या, देर तक ओस पड़ने, हवा की हल्की गति और कोलैटरल होस्ट की उपलब्धता।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस ब्लास्ट रोग का रोगाणु

1. पाइरिकुलेरिया ओरिजा [Pyricularia oryzae (Syn : P. grisea)] (लैंगिक अवस्था : Magnaporthe grisea)
2. कवक का माइसेलियम पारभासक ( hyaline) से जैतूनी, पटयुक्त तथा अत्यधिक शाखित होता है। लंबे पटयुक्त पर गुच्छे में उत्पन्न कोनिडिया, जैतूनी, लंबा कोनिडोफोर्स होते हैं।
3. कोनिडिया एलिपसॉइड के प्रति ओबपाइरीफॉर्म होते हैं जो हाइलम के बॉर्डर के आधार भाग से जुड़े होते हैं । कोनिडिया पारभासक से लेकर पीले जैतूनी हरे रंग के होते हैं और इसमें प्राय: तीन कोशिकाएं होती हैं।

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BAU, Ranchi
3
Jul

1. राइस ब्लास्ट

लक्षण: फ़सल पर कवक का हमला नर्सरी में अंकुरण से लेकर मुख्य खेत में रोपे जाने की सभी अवस्थाओं में होता है। विशेष लक्षण पत्तियों, पत्तियों के आवरण, रैचिस,गांठों पर दिखाई देते हैं। यहां तक कि ग्लूम पर भी इसका हमला होता है। पत्तियों पर ज़ख्म पानी सोखे हुए नीले-हरे फाहों के रूप में शुरु होता है, जो जल्द ही बड़ा हो जाता है और भूरे मध्य भाग तथा गहरे भूरे किनारे (लीफ ब्लास्ट) (चित्र: 13 तथा 14) वाले विशेष तर्कु आकार के धब्बे में परिणत हो जाता है। रोग के बढ़ने पर धब्बे आपस में मिल जाते हैं तथा पत्तियों के बड़े हिस्से सूख और कुम्हला जाते हैं। आवरण पर भी उसी प्रकार के धब्बे दिखाई पड़ते हैं। गंभीर रूप से संक्र

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BAU, Ranchi
3
Jul

चावल की बीमारी

झारखंड राज्य के अंदर विभिन्न क्षेत्रों में चावल की फ़सल पर 5 प्रमुख रोगों का हमला होता है: वे निम्न हैं:
1. राइस ब्लास्ट
2. चावल की पत्ती पर होने वाला भूरा धब्बा
3. राइस का शीथ ब्लाइट
4. चावल का बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (बीएलबी)
5. राइस का छद्म धब्बा

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस गन्धी बग का प्रबन्धन

रासायनिक नियंत्रण : इंडोसल्फान 35 EC अथवा क्विनॉल्फस 1.5% डस्ट @ 25 किग्रा/हेक्ट., अथवा क्विनॉल्फस 25 EC @ 1.5 लीटर 500 लीटर जल में मिलाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने पर कीटों की जनसंख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

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BAU, Ranchi
3
Jul

राइस गन्धी बग का जीव-विज्ञान

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