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Jul

किस्म - बिरसामती

1. अधिसूचना का वर्ष- 2005
2. अवधि - 130
3. पारिस्थितिकी - सिंचित वर्षापोषित नीचली भूमि
4. विशेष गुण- ब्लास्ट के प्रति प्रतिरोधी, BLB

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BAU, Ranchi
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Jul

किस्म - अंजली

1. अधिसूचना का वर्ष - 2002
2. अवधि - 95
3. पारिस्थितिकी - सीधी बोई गई वर्षापोषित उच्च भूमि
4. विशेष गुण - सूखे के प्रति सामान्य रूप से सहनशीलता

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BAU, Ranchi
2
Jul

झारखंड जिले में विभिन्न प्रकार की चावल की पैदावार योग्य मिट्टी का वितरण

झारखंड राज्य की मिट्टी का अवयव मुख्य रूप से विघटन से निर्मित मिट्टी से बना होता है जिसे आगे चलकर चट्टान और पत्थर तथा मिट्टी की रचना में बांट दिया गया है।
1. लाल मिट्टी प्राय: दामोदर घाटी और राजमहल क्षेत्र में पाई जाती है,
2. अबरख युक्त मिट्टी कोडरमा, झुमरीतलैया, बरकागांव और मन्दार पर्वत के आसपास पाई जाती है।
3. रेतीली मिट्टी प्राय: हजारीबाग और धनबाद में पाई जाती है जबकि
4. काली मिट्टी राजमहल क्षेत्र में पाई जाती है और
5. दानेदान लाल मिट्टी रांची के पूर्वी भाग में, पलामू और संथाल परगना और सिंहभूम के भागों में पाई जाती है।

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BAU, Ranchi
2
Jul

राज्य की चावल उपजाऊ मिट्टी

राज्य के कुल क्षेत्रफल में प्रमुखतः रेतीली दोमट मिट्टी पाई जाती है जो अम्लीय प्रकार की मिट्टी (pH 4.5–6.5) होती है और कम उपजाऊ होती है। राज्य में भूमि के लगभग 66% क्षेत्रफल मं उपलब्ध फास्फोरस की मात्रा निम्न है, 18% कृषिभूमि में K की मात्रा कम है, 38% भूमि में S की मात्रा कम है, 7% भूमि में उपलब्ध Zn की मात्रा कम है, 4 % में उपलब्ध कॉपर की मात्रा जबकि 45 % में उपलब्ध बोरोन की मात्रा कम है। कृषि योग्य भूमि के लगभग 70% से अधिक में ऑर्गेनिक कार्बन और सूक्ष्म पोषकतत्वों की कमी है। राज्य की अधिकतर मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन (280-560 किग्रा/हे) की मात्रा मध्यम है और 19.6% क्षेत्र में N की मात्रा नि

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BAU, Ranchi
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Jul

बोरो / ग्रीष्मकालीन / गर्मा धान:

1. बोरो की खेती जलमग्न भूमि में की जाती है, इसे जनवरी-फरवरी से लेकर अप्रैल-मई के दौरान उगाया जाता है। इसलिए इसे ग्रीष्मकालीन/ गर्मा धान कहते हैं।

2. ग्रीष्मकालीन चावल के अंतर्गत आने वाला क्षेत्रफल लगभग 4.4 % है और समय से पूर्व तैयार होने वाली किस्में इस क्षेत्र में बहुतायत से उगाई जाती हैं।

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BAU, Ranchi
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Jul

अमन/ खरीफ / शीतकालीन:

1. खरीफ (शीतकालीन चावल) की बुआई जून-जुलाई में की जाती है और कटाई नवंबर-दिसम्बर में होती है, इसलिए कटाई के समय के अनुसार इसे (विंटर राइस) शीतकालीन चावल कहते हैं।
2. भारत में चावल की फसल का 51% इस मौसम में उगाई जाती है और यह मध्यम और लंबी अवधि प्रकार की होती है।

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BAU, Ranchi
2
Jul

ऑस (Aus) / शरद ऋतु:

1. मानसून-पूर्व अवधि (मई-जून) के दौरान उगने वाली चावल की किस्में ऑस कहलाती हैं और इसकी कटाई अगस्त-सितम्बर में होती है। इसलिए यह कटाई के समय के अनुसार ऑटम राइस कहलाती हैं।
2. झारखंड में चावल की फसल का लगभग 44% इस मौसम में उगाई जाती हैं। यह अगात और मध्यम अवधि प्रकार की होती है जो 90 से 100 दिन की होती है।

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BAU, Ranchi
2
Jul

राज्य में चावल की खेती का मौसम

चावल की पैदावार के लिए तीन मुख्य मौसमें हैं और इनके नाम फसल की कटाई के मौसम के अनुसार रखे गए है।
1. ऑस(Aus) / शरद ऋतु:
2. अमन/ खरीफ / शीतकालीन:
3. बोरो / ग्रीष्मकालीन / गर्मा धान

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BAU, Ranchi
2
Jul

झारखंड में चावल का मौसम

झारखंड में चावल की उपज के लिए तीन अलग-अलग मौसम हैं। समर राइस (फरवरी-मार्च से लेकर जुलाई-अगस्त); खरीफ चावल (जून से सितम्बर); बोरो राइस (अक्टूबर-नवम्बर से लेकर अप्रैल-मई)।

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चावल पंचांग
2
Jul

झारखंड में चावल आधारित फसल प्रणाली

1. चावल-गेहूं/चावल/आलू/सब्जी।
2. चावल-गेहूं।
3. चावल-गेहूं-मूंग।
4. चावल-गेहूं-चावल।
5. चावल-चना-बर्सीम

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चावल पंचांग
2
Jul

झारखंड राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्व

1. राज्य का लगभग 1.8 मिलियन हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है जो यहां के भौगोलिक क्षेत्रफल का 22% है।

2. कुल सिंचित क्षेत्रफल 0.16 मिलियन हेक्टेयर है। चावल का सिंचाई क्षेत्रफल 5.6% है। चावल, मक्का, गेहूं और चना यहां की मुख्य फसलें हैं।

3. उपज लगभग 126% है। अत्यधिक वर्षा होने के कारण, चावल की खेती ऊंची और उथली भूमि में लगभग 1.4 मिलियन हेक्टेयर में होती है।

4. चावल की खेती 1.628 मिलियन हेक्टेयर में होती है जहां 1.078 मिलियन हेक्टेयर में अत्यधिक उपज वाली किस्में, 2006-2007 में 66.4% थी।

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चावल पंचांग
2
Jul

झारखंड के कृषि जलवायु क्षेत्र

राज्य को 3 कृषि-जलवायु उप क्षेत्रों में बांटा गया है जैसे,
मध्य और उत्तर-पूर्वी पठारी उप क्षेत्र, पश्चिमी पठारी उप क्षेत्र और दक्षिण-पूर्वी पठारी उप क्षेत्र। यहां की मिट्टी लाल-मिट्टी, लाल-पीला दूमट, लाल रेतीला/कठोर किस्म की होती है।

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चावल पंचांग
2
Jul

भूगोल, झारखंड की जलवायु

1. झारखंड देश का नवनिर्मित राज्य है और यह 21o58' और 25o30' N अक्षांश तथा 83o22' और 88o40' E देशांतर के बीच स्थित है।

2. यहां की जलवायु गर्म और मध्यम रूप से नम है और यहां औसत वार्षिक वर्षा 1372 मिमी होती है।

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चावल पंचांग
2
Jul

झारखंड

1. निर्माण की तिथि : 15 नवंवर 2000.

2. जिलों की संख्या : 24

3. क्षेत्रफल : 79,714 वर्ग किमी

4. गांव : 29,354

5. राजधानी : रांची

6. शहर : 152

7. जनसंख्या : 26,909,428

8. वर्तमान मूल्यों (2005-2006) पर प्रति व्यक्ति आय : रू. 19,066

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चावल पंचांग
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चावल पंचांग
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