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Crop Protection with vernacular Names

Crop Protection with vernacular Names
22
Aug

चावल का एकीकृत कीट प्रबंधन (आई.पी.एम)

चावल का एकीकृत कीट प्रबंधन (आई.पी.एम)

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल का फॉल्स स्मट

चावल का फॉल्स स्मट

लक्षण: फंगस अनाज के अलग-अलग दाने को मखमली हरे बॉल के रूप में परिवर्तित कर देते हैं। रोगजनकों के बीजाणुओं के विकास के कारण अंडाशय वृहत्त मखमली गरे द्रव के रूप में दिखते हैं। सामान्य तौर पर कुछेक स्पाइकलेट्स ही प्रभावित हो पाते हैं।

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
Image Courtesy: 
Dr. Krishnaveni, DRR
22
Aug

चावल में बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (बी.एल.बी) का प्रबंधन

चावल में बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (बी.एल.बी) का प्रबंधन

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल का बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (बी.एल.बी)

चावल का बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (बी.एल.बी)

जैन्थोमोनस ओराइजी पी.वी ओराइजी

लक्षण:

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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Dr. Krishnaveni, DRR
22
Aug

चावल में शीथ ब्लास्ट का प्रबंधन

चावल में शीथ ब्लास्ट का प्रबंधन

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल में शीथ ब्लास्ट के विस्तार का प्रकार और उसका जीवन

रोगजनक स्क्लेरोटिया या माइसिलियम के रूप में सूखी मिट्टी में लगभग 20 महीने तक जीवित रह सकते हैं लेकिन नम मिट्टी में 5-8 माह तक ही जीवित रह सकते हैं। 32 परिवार के फसल की 188 प्रजातियों से भी अधिक को यह संक्रमित कर देता है। स्क्लेरोटिया सिंचाई के पानी के माध्यम से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितयां: उच्च सापेक्षिक आर्द्रता (96-97 प्रतिशत), उच्च तापमान (30-32 oC), पास में में पौधो को रोपा जाना और नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों का अधिक मात्रा में प्रयोग।

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल में शीथ ब्लास्ट

चावल में शीथ ब्लास्ट

लक्षण:

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल में ब्राउन लीफ स्पॉट के विस्तार का प्रकार और उसका जीवन

चावल में ब्राउन लीफ स्पॉट के विस्तार का प्रकार और उसका जीवन

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल में ब्राउन लीफ स्पॉट के रोगजनक

चावल में ब्राउन लीफ स्पॉट के रोगजनक

हेल्मिन्थोस्पोरियम ओराइजी (Syn : ड्रेक्सलेरा ओराइजी) (लैंगिक अवस्था: कोचलियोबोलस मियाबिनस)।

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल में ब्राउन लीफ स्पॉट (पत्ती में भूरा धब्बा)

चावल में ब्राउन लीफ स्पॉट (पत्ती में भूरा धब्बा)

लक्षण:

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल ब्लास्ट का प्रबंधन

चावल ब्लास्ट का प्रबंधन

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल ब्लास्ट के विस्तार का प्रकार और उसका जीवन

चावल ब्लास्ट के विस्तार का प्रकार और उसका जीवन

यह बीमारी मुख्यतः वायुजनित कोनिडिया के माध्यम से फैलती है क्योंकि फंगस के स्पोर्स पूरे साल भर विद्यमान होते हैं। संक्रमित तने वाले भाग (सट्रॉ) और बीज में माइसीलियम और कोनिडिया इनोक्युलम के प्रमुख स्रोत हैं। सिंचाई वाला पानी के माध्यम से कोनिडिया अन्य खेतों में भी जा सकते हैं। फंगस अन्य अतिथियों (कोलैट्रल हॉस्ट्स) पर भी बसर करते हैं जैसे पैनिकम रेपेन्स, डिजिटेरिया मैग्रजिनैटा, ब्रैशिएरिया म्यूटिका, लिर्सिया हेक्सैन्ड्रा, डिनेब्रा रिट्रोफ्लिया, एकिनोक्लोओ क्रूसगल्ली और स्टेनोटैफ्रम सेकण्डैटम।

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल ब्लास्ट के लिए उपयुक्त परिस्थितियां

चावल ब्लास्ट के लिए उपयुक्त परिस्थितियां

नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों, पारी-पारी से पानी की बौछार, बादल भरा मौसम, उच्च सापेक्षिक आर्द्रता (93-99 प्रतिशत), रात में कम तापमान (15-200c के बीच या 260c से कम), अधिक दिनों तक वर्षा का होना, अधिक समय तक ओस का बना रहना, बादल भरा मौसम, धीमी गति की हवा और साथ में रहने वाले अन्य अतिथियों की मौजूदगी।

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

चावल ब्लास्ट

चावल ब्लास्ट

लक्षण:  

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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Dr. Krishnaveni, DRR
22
Aug

उत्तर प्रदेश राज्य में चावल की बीमारियां

उत्तर प्रदेश राज्य में चावल की बीमारियां

उत्तर प्रदेश राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में चावल की फसल पर निम्नलिखत 5 मुख्य बीमारियां आक्रमण करती हैं -

1. चावल ब्लास्ट

2. चावल के पत्ती पर प भूरे रंग का धब्बा (चावल का ब्राउन लीफ स्पॉट)

3. चावल का शीथ ब्लाइट

4. चावल का बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (बी.एल.बी)

5. चावल का फॉल्स स्मट

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

राइस लीफ फोल्डर

राइस लीफ फोल्डर

लैटिन नाम: नैफैलोक्रोसिस मेडिनलिस, पाइरालिडे, लेपिडोपटेरा

सामान्य नाम: पत्ती लपेटक

हमले के लक्षण:

  • लंबवत या तिरछी तरफ से पत्तियां रेशम के साथ मुड़ जाती है और ऐसे स्थानें पर स्क्रैप्ड पैच होते हैं।

क्षति की प्रकृति:

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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Mr.Chaitanya, DRR
22
Aug

चावल का घुंडी बग/ईयर हेड बग

चावल का घुंडी बग/ईयर हेड बग

वैज्ञानिक नाम: लैपटोकोरिसा एक्यूटा, एलीडिडे, हेमिटेरा

हमले के लक्षण:

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
22
Aug

राइस स्वार्मिंग कैटरपीलर

राइस स्वार्मिंग कैटरपीलर

वैज्ञानिक नाम: पोडोटेरा मॉरीशिया, नाक्ट्विडी, लेपीडोपटेरा

हमले के लक्षण:

रातों-रात नर्सरियों को पूरी तरह से कैटरपीलर द्वारा खाया हुआ पाया गया।

क्षति की प्रकृति:

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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Mr.Chaitanya, DRR
22
Aug

राइस गॉल मिज (सनरहाकीट)

राइस गॉल मिज (सनरहाकीट)

वैज्ञानिक नाम: ओरसियोलिया ओरिजी, सेसिडोमाइटी, डिपटेरा

सामान्य नाम: सनरहाकीट

हमले के लक्षण:

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सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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Mr.Chaitanya, DRR
22
Aug

तना बेधक का प्रबंधन

तना बेधक का प्रबंधन

नर्सरी में : नर्सरी के 10 - 12 दिन के पौधों में कारबोफ्यूरेन 3 जी @ 250 ग्राम, या फोरेट @ 100 ग्राम प्रति 100 m2 नर्सरी क्षेत्र में डालें।

रफिंग: जिन टिलरों में डेड हार्ट दिखाई दें उन्हें हटा दिया जाना चाहिए और उन्हें खेत से बाहर नष्ट करना चाहिए ,इससे पर्याक्रमण कम हो जाता है।

जैविक नियंत्रण: एक हेक्टयर के लिए प्रतिरोपण के एक महीने के बाद एक सप्ताह के अंतर पर 8 ट्राइकोकोर्ड का प्रयोग (जैव – एजेंट ट्राइकोग्रामा) करें ।

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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